लखनऊ, 25 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) की सरकार में नौकरियों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि 2017 के पहले यह परिपाटी थी कि नियुक्ति का विज्ञापन निकलते ही ‘चाचा-भतीजे’ की जोड़ी वसूली के लिए निकल पड़ती थी।
आदित्यनाथ यहां उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा चयन प्रक्रिया से कृषि विभाग के लिए नव चयनित 3,446 प्राविधिक सहायकों (समूह-ग) एवं मंडी परिषद में श्रेणी-तीन, वर्ग-दो के 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्रों का वितरण करने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने दावा किया, “उप्र में पिछले साढ़े नौ वर्षों में हमारी सरकार ने नौ लाख 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है और एक भी नियुक्ति पर कोई प्रश्न नहीं खड़ा कर सकता।”
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि अगले छह माह के अंदर एक लाख नौजवानों को सरकारी नियुक्ति पत्र दिया जाएगा।
आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सपा सरकार, पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव पर इशारों में हमला करते हुए कहा, “2017 के पहले यह परिपाटी थी कि नियुक्ति का विज्ञापन निकलते ही ‘चाचा-भतीजे’ की जोड़ी और महाभारत का पूरा खानदान वसूली के लिए प्रदेश में निकल पड़ता था।”
उन्होंने पारदर्शी नियुक्ति के लिए अपनी सरकार के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि आज पारदर्शी तरीके से नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा करना एक चुनौती है और उसमें भी बिना भेदभाव के आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए योग्य अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के अनुसार नियुक्ति पत्र प्राप्त हो जाए, यह अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है।
आदित्यनाथ ने कहा, “हमें यह ध्यान में रखना होगा कि जब हम योग्यतम अभ्यर्थियों का चयन बिना भेदभाव के करते हैं तो उसका लाभ पूरे प्रदेश को मिलता है। यह पिछले साढ़े नौ वर्षों के अंदर भाजपा की डबल इंजन सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है।”
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले नौजवान भटकता रहता था, परिणाम नहीं आता था और अंतत: अदालत को उसमें स्थगनादेश देना पड़ता था।
योगी ने कहा, “इस अव्यवस्था से हमारे युवाओं का समय और उम्र खराब होती थी और लोग मानते थे कि हमारा युवा किसी लायक नहीं है। गलती युवा की नहीं बल्कि उन आयोगों और बोर्डों और उस समय की सरकारों में बैठे सरकारी तंत्र और भ्रष्ट राजनेताओं की होती थी।”
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमने पहले दिन कहा था कि हम नकल माफिया और विभिन्न संस्थानों में बैठे माफिया की कमर तोड़ेंगे और उसके आकाओं को जमीन-आसमान दिखाएंगे।”
मुख्यमंत्री ने बताया, “2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद मैंने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों से परीक्षा व परिणाम एक महीने में देने का आदेश दिया।”
योगी ने कहा, “आज यूपी बोर्ड के 56 लाख अभ्यर्थियों की परीक्षा 14 दिन में होती है और अगले 14 दिन में परिणाम आता है।”
उन्होंने कहा, “2017 के पहले यहां कोई नहीं आता था लेकिन दुनिया आज प्रदेश के नौजवानों को मांग रही है।”
मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों प्रदेश में आए जापान के प्रतिनिधिमंडल का भी जिक्र किया और कहा कि 240 सदस्यों का इतना बड़ा दल पहली बार भारत आया।
उन्होंने कहा, “सदस्यों में बड़े नेता, अधिकारी, इंडस्ट्री-बिजनेस लीडर्स शामिल थे। वे उप्र के युवाओं को जापान में नौकरी देना चाहते हैं। जर्मनी, इजराइल भी उत्तर प्रदेश के नौजवानों को नौकरी देते हैं।”
योगी ने कहा, “इजराइल में प्रदेश के 5000 नौजवान गए, वहां डेढ़ लाख रुपये प्राप्त करते हैं। घर पर भी पैसा भेज रहे हैं। इजराइल जब युद्ध लड़ रहा था, तब भी उप्र के युवा वहां काम कर रहे थे।”
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने समारोह में कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्ष में उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य के ठप्पे से अलग हो कर देश की अर्थव्यवस्था का एक स्तंभ बन गया है।
शाही ने दावा किया कि कोई अभ्यर्थी यह नहीं कह सकता है कि उसे नियुक्ति में एक रुपया भी खर्च करना पड़ा है।
भाषा आनन्द जितेंद्र
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