रायबरेली, 24 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि गांव से लेकर प्रदेश तक कोई भी “गुंडा” अपने आप को सपा के संस्कारों के करीब पाता है।
योगी ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने देश-समाज को बांटा, संविधान का गला घोंटा और फिर तुष्टिकरण की नीति पर चलकर विदेशी पैसे के बल पर भारत की सामाजिक एकता को खंडित करना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने रायबरेली में 879 करोड़ रुपये से अधिक की 346 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर स्वतंत्रता सेनानियों और देश के नायकों को उचित सम्मान नहीं देने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मानना है कि केवल गांधी परिवार को सम्मान मिलना चाहिए, जबकि सपा अपने “सैफई सिंडिकेट” तक सीमित है।
योगी ने आरोप लगाया कि सपा शासन में गुंडों का काम गरीबों की जमीन पर कब्जा करना, व्यापारियों से चौथ वसूलना और बेटियों की सुरक्षा को खतरे में डालना था।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने उनके हालिया बयान का जिक्र किया और कहा कि सपा “परिवारवाद” की राजनीति करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा नेताओं ने उत्तर प्रदेश की पहचान के सामने संकट खड़ा किया है।
योगी ने कहा, ‘‘रायबरेली अब बदल चुका है, पहले लोग इसे वीआईपी जनपद एवं संसदीय क्षेत्र कहते थे, लेकिन वीआईपी के नाम पर यहां बदहाली, अराजकता एवं अभाव था और गरीबों को शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिलता था। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी ने पीड़ा व्यक्त की थी कि एक रुपये भेजता हूं, नीचे सिर्फ 15 पैसे पहुंचता है।''
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘यह 85 पैसा खाने वाले सपा एवं कांग्रेस के लोग थे। हमने तो नौ वर्ष में गरीबों के लिए आवास, शौचालय और सड़कों का जाल बिछाया है।’’
योगी ने कहा कि रायबरेली ने भाजपा के विधायकों को जिताया तो विकास तेज गति से हो रहा है।
उन्होंने कहा,''यहां की मॉडर्न कोच फैक्टरी 2012 में बनी, यह 2014 तक कांग्रेस के विकास की तरह घिसती जा रही थी लेकिन अब यह फैक्टरी रायबरेली की पहचान बन चुकी है। पिछले वर्ष इस फैक्टरी ने रिकॉर्ड 2156 कोच का निर्माण किया। पहली बार मई 2026 में वंदे भारत के ट्रेनशेड का रोल आउट यहीं बना है। रायबरेली का नाम अब देश में गौरव के साथ लिया जा रहा है।''
योगी ने राहुल गांधी का नाम लेकर कहा,‘‘ आप मनुस्मृति को मानिए या न मानिए, लेकिन गलत तथ्य न कहिए। आप बेटियों से कहते हैं कि मनुस्मृति से बाहर निकलिए। अथर्ववेद, शतपथ ब्राह्मण, महाभारत, मत्स्य पुराण जिसकी महिमा का गान करता हो, उस मनु को क्यों अपमानित कर रहे हैं। ’’
मुख्यमंत्री ने कहा,''हर सनातनी जिस काल गणना को मानता है, उसे आपके नाना, परनाना, दादी ने नहीं, बल्कि मनु ने दिया है। इसका पालन करके ही सनातनी त्योहारों को मानता है। ''
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने राणा बेनी माधव बख्श सिंह के नाम पर स्मारक बनाया है तो पूर्व विधायक स्व. दल बहादुर कोरी के नाम पर राजकीय पॉलिटेक्निक का नामकरण कर सलोन में उन्हें सम्मानित किया है और अब वीरा पासी का भव्य स्मारक व प्रतिमा लगेगी।
इस मौके पर स्कूली छात्राओं ने मुख्यमंत्री को तिलक लगाकर राखी बांधी। योगी ने उन्हें आशीर्वाद और उपहार दिए। उन्होंने सपेरा समुदाय के प्रतिनिधियों को आवासीय पट्टे और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड, लैपटॉप व स्वीकृति पत्र भी बांटे।
सपा प्रमुख पर निशाना साधते हुए योगी ने कहा, ‘‘राहुल गांधी के संस्कारों में रंगे हुए समाजवादी पार्टी के बबुआ (अखिलेश यादव) का भी परसों एक बयान आया है, जिसमें उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इसलिए नहीं टूटी क्योंकि हम तो एक ही परिवार के पांच सांसद हैं। यानी वह मानते हैं कि बाकी कोई सांसद किसी लायक नहीं है। ये लोग वोटों के सौदागर हैं, इन्होंने राज्य की पहचान के सामने संकट खड़ा किया है।’’
दरअसल, यादव ने शनिवार को लखनऊ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि सपा गठबंधन नहीं तोड़ती है और उसकी लड़ाई भाजपा से है।
विभिन्न दलों के सांसदों के दल-बदल पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने अपने परिवार के कई सदस्यों के सपा सांसद होने का जिक्र करते हुए कहा था, ‘‘आपने कभी सोचा है कि पूरी पार्टी क्यों नहीं टूटी? क्योंकि एक ही परिवार के पांच सांसद हैं। हमारे कई मुस्लिम सांसद भी हैं और कुछ कट्टर समाजवादी भी हैं, इसलिए हमारी संख्या कम नहीं होगी। कभी-कभी परिवारवाद के फायदे भी होते हैं।’’
इस बयान पर तंज कसते हुए योगी ने कहा, ‘‘वह मानते हैं कि बाकी सांसद किसी लायक नहीं हैं और केवल एक ही परिवार के सदस्य सांसद बन सकते हैं।’’
उत्तर प्रदेश में सपा के 37, भाजपा के 33, कांग्रेस के छह, रालोद के दो, अपना दल और आजाद समाज पार्टी के एक-एक लोकसभा सदस्य हैं। यादव परिवार से अखिलेश यादव (कन्नौज), डिंपल यादव (मैनपुरी), धर्मेंद्र यादव (आजमगढ़), अक्षय यादव (फिरोजाबाद) और आदित्य यादव (बदायूं) लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
भाषा आनन्द राजकुमार
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