बड़वानी, 24 अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में एक शासकीय आवासीय विद्यालय के शिक्षकों पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और अभद्र बर्ताव का आरोप लगाते हुए सोमवार को लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने करीब 25 किलोमीटर तक पैदल मार्च किया।
इन आरोपों की जांच के लिए एक दल गठित करने की जिला प्रशासन की घोषणा के बाद विद्यार्थियों ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त किया।
चश्मदीदों ने बताया कि जामली में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के लगभग 200 छात्र-छात्राओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचने के लिए पैदल मार्च शुरू किया। इस विद्यालय से जिला मुख्यालय करीब 60 किलोमीटर दूर है।
आदिवासी बहुल जिले के इस संस्थान की 10वीं से 12 वीं कक्षाओं तक के विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि विद्यालय के शिक्षक उन्हें जातिसूचक शब्दों से संबोधित करते हैं।
उन्होंने ये आरोप भी लगाए कि छात्रावास में उन्हें परिजनों से मिलने नहीं दिया जाता और उनसे अभद्र व्यवहार किया जाता है।
विद्यार्थियों के पैदल मार्च के दौरान विद्यालय के प्राचार्य के साथ ही पुलिस और प्रशासन के अधिकारी उन्हें विरोध प्रदर्शन खत्म करने के लिए लगातार समझाते रहे, लेकिन वे जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी से मिलने की मांग पर अड़े रहे।
पैदल मार्च के दौरान विद्यार्थियों ने आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरना देकर विरोध जताया जिससे यातायात जाम हो गया।
मौके पर मौजूद अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाकर धरना समाप्त कराया जिसके बाद उन्होंने फिर से पैदल चलते हुए जिला मुख्यालय की ओर बढ़ना प्रारंभ कर दिया।
विद्यार्थियों के विरोध प्रदर्शन की खबर फैलते ही जिलाधिकारी जयति सिंह जुलवानिया कस्बे पहुंचीं और नाराज छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। तब तक विद्यार्थी करीब 25 किलोमीटर पैदल चल चुके थे।
अधिकारियों ने बताया कि जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों के आरोपों की जांच के लिए एक दल का गठन किया है।
उन्होंने बताया कि यह दल आवासीय विद्यालय पहुंचकर जांच शुरू करेगा।
जिलाधिकारी जयति सिंह ने संवाददाताओं से कहा,‘‘विद्यार्थियों की बातों को गंभीरता से सुना गया है। जांच के बाद जल्द से जल्द उचित कदम उठाए जाएंगे।’’
प्रशासन ने लगभग 10 घंटे चले घटनाक्रम के पटाक्षेप के बाद विद्यार्थियों को बसों से वापस छात्रावास भेजा।
भाषा सं. हर्ष राजकुमार
राजकुमार