नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) अयोध्या में हनुमानगढ़ी मंदिर और राम मंदिर के दर्शन के बाद कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रमुख अजय राय के कथित तौर पर मछली भोज में शामिल होने को लेकर विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने उनकी आलोचना करते हुए सोमवार को कहा कि सावन के पवित्र महीने में ऐसा आयोजन करना सनातन परंपराओं के प्रति ‘‘संवेदनहीनता’’ दिखाता है।
विहिप का यह बयान निषाद समुदाय के एक कार्यक्रम में कथित तौर पर मछली पकाए जाने का वीडियो सामने आने से शुरू हुए राजनीतिक विवाद के बाद आया।
राय ने हनुमानगढ़ी मंदिर जाकर हनुमान चालीसा का पाठ किया और राम मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह अयोध्या ज़िले में ही लगभग 30 किलोमीटर दूर तारुन गए, जहाँ रविवार को स्थानीय निषाद समुदाय की बैठक हुई थी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राय पर मछली भोज में शामिल होने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस नेता ने उन्हें सबूत दिखाने की चुनौती दी है।
विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि अयोध्या में मंदिर दर्शन के बाद कांग्रेस के एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान मछली भोज का आयोजन सनातन धर्म की भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता का स्पष्ट उदाहरण है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अयोध्या सिर्फ़ एक शहर नहीं है; यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र और भगवान श्रीराम की जन्मभूमि है। सावन जैसे पवित्र महीने में, अयोध्या में मंदिर के दर्शन के बाद कांग्रेस के राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान मछली भोज का आयोजन सनातन धर्म की भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता का स्पष्ट उदाहरण है।’’
बंसल ने कहा, ‘‘खाने-पीने की आज़ादी अपनी जगह है, लेकिन जगह, समय और आस्था के लिहाज़ से उचित व्यवहार का भी अपना महत्व है।’’
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को सही ठहराने के लिए निषादराज का ज़िक्र करना ‘‘और भी दुर्भाग्यपूर्ण’’ है।
बंसल ने कहा कि निषादराज और भगवान राम के बीच का रिश्ता भक्ति, समर्पण एवं स्नेह का प्रतीक था और इसका इस्तेमाल मछली भोज को सही ठहराने के लिए नहीं किया जा सकता।
बंसल ने कांग्रेस से यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या वह अयोध्या की धार्मिक संवेदनशीलता और पवित्रता का सम्मान करती है या केवल चुनावी राजनीति के लिए भगवान राम का नाम लेती है।
भाषा
नेत्रपाल रंजन
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