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कोटा के स्कूल में मध्याह्न भोजन से 27 बच्चे बीमार; जांच शुरू

कोटा, 24 अगस्त (भाषा) राजस्थान में कोटा जिले के एक गांव स्थित सरकारी स्कूल में सोमवार को कथित तौर पर मध्याह्न भोजन खाने के बाद कम से कम 27 विद्यार्थी बीमार हो गए। इस घटना के बाद अधिकारियों ने बीमारी के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।

अधिकारियों के अनुसार, रानपुर थाना क्षेत्र के पूनियां देवली गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पहली से आठवीं तक के दो दर्जन से अधिक बच्चों को जी मिचलाने, उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत हुई।

हालत ज्यादा बिगड़ने पर इनमें से 21 बच्चों को तुरंत कोटा ले जाया गया। इनमें से 17 बच्चे सरकारी न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि चार बच्चों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार, अब सभी बच्चों की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

अधिकारियों और स्कूल शिक्षक/कर्मचारियों ने बताया कि घटना के समय स्कूल में नामांकित 130 विद्यार्थियों में से 110 उपस्थित थे। दोपहर के भोजन में कद्दू की सब्जी दी गई थी। भोजन करने के लगभग दो घंटे बाद, यानी दोपहर करीब एक बजे कई बच्चों में खाद्य विषाक्तता के लक्षण दिखने लगे।

स्कूल के प्रधानाध्यापक चंद्र प्रकाश ने बताया कि स्कूल की छुट्टी हो चुकी थी और बच्चे घर जाने ही वाले थे कि तभी कई छात्रों ने बीमार महसूस होने की शिकायत की।

गंभीर लक्षण वाले बच्चों को तुरंत कोटा शहर ले जाया गया, जहां 17 बच्चों को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। इनमें से चार को वार्ड में भर्ती किया गया है जबकि अन्य को डॉक्टरों की देखरेख में रखा गया है। उन्होंने बताया कि अब सभी बच्चों की हालत खतरे से बाहर है।

जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) रूप सिंह मीणा ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य का जायजा लिया और उनके इलाज की स्थिति का अवलोकन किया।

उन्होंने पुष्टि की कि 27 छात्रों ने अस्वस्थता की शिकायत की थी, लेकिन अधिकांश बच्चों की हालत स्थिर है और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। केवल चार से पांच बच्चों को ही औपचारिक रूप से अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता पड़ी है।

अधिकारी ने बताया कि बीमारी के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है।

उन्होंने जानकारी दी कि मध्याह्न भोजन का निर्माण और आपूर्ति अन्नपूर्णा सहकारी समिति द्वारा आठ से नौ स्कूलों में की जाती है। सभी स्कूलों के बच्चों ने एक जैसा भोजन किया था, लेकिन अन्य किसी भी स्कूल से बच्चों के बीमार होने की शिकायत नहीं आई है।

जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि अभी निष्कर्ष के रूप में यह कहना जल्दबाजी होगी कि केवल मध्याह्न भोजन ही इस बीमारी की एकमात्र वजह है। अधिकारी इस पहलू की भी जांच कर रहे हैं कि कहीं अत्यधिक गर्मी, उमस या स्थानीय पानी के दूषित होने के कारण तो यह घटना नहीं हुई।

उपचार कर रहे चिकित्सा अधिकारी डॉ. मयंक के अनुसार, छात्रों में मुख्य रूप से उल्टी के लक्षण देखे गए, और अधिकांश बच्चों को एक या दो बार उल्टी हुई। भर्ती किए गए सभी बच्चों के ब्लड प्रेशर, पल्स और ऑक्सीजन इत्यादि का स्तर बिल्कुल सामान्य हैं और उनकी स्थिति स्थिर है।

भाषा सुमित माधव

माधव