नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने घर खरीदारों से कथित तौर पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी मामले में सोमवार को 18वां आरोपपत्र दाखिल किया, जिसमें पश्चिम बंगाल की एक आवासीय परियोजना के संबंध में एक बिल्डर कंपनी, उसके निदेशकों और अधिकारियों के साथ-साथ वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
सीबीआई के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा कि आरोपपत्र एमकेएचएस हाउसिंग एलएलपी, उसके नामित साझेदार इंडियाबुल्स डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज लिमिटेड और उनके निदेशकों व अधिकारियों के खिलाफ दाखिल किया गया है। इसके अलावा इंडियाबुल्स इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड और उसके निदेशकों के नाम भी आरोप पत्र में शामिल हैं।
इंडियाबुल्स डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज लिमिटेड को अब इंडियाबुल्स नेस्ट्स लिमिटेड जबकि इंडियाबुल्स इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड को इंडियाबुल्स अर्बन रेजिडेंसी लिमिटेड के नाम से जाना जाता है।
बयान में कहा गया कि यह मामला पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के राजारहाट इलाके में एक आवासीय परियोजना से जुड़ी कथित धोखाधड़ी से संबंधित है।
बयान के अनुसार आरोपपत्र उत्तर 24 परगना के अलीपुर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में दाखिल किया गया।
केंद्रीय एजेंसी के अनुसार, आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके निदेशकों ने एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) के अधिकारियों के साथ कथित साजिश के तहत घर खरीदारों व निवेशकों को झूठे आश्वासन देकर निवेश के लिए तैयार किया और धोखाधड़ी से आर्थिक लाभ हासिल किया।
भाषा जोहेब अविनाश
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