मुसुनुरु (आंध्र प्रदेश), 24 अगस्त (भाषा) उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को एलुरु जिले में गैर-जीएमओ पॉपकॉर्न मक्का के दो ‘हाइब्रिड’ बीज जारी किए।
‘गैर-जीएमओ’ उत्पादों के उत्पादन में आनुवंशिक रूप से संशोधित बीजों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है।
राज्यपाल एस अब्दुल नजीर और अन्य लोगों के साथ दोनों ने मुसुनुरु गांव में इस पहल से जुड़ी निजी कंपनी के संयंत्र का दौरा किया। उन्होंने पॉपकॉर्न प्रसंस्करण उपकरणों का निरीक्षण किया।
इस मौके पर राधाकृष्णन ने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाला भारत खाद्यान्न आयात पर निर्भर नहीं रह सकता और उन्होंने कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प व्यक्त किया।
उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हम 140 करोड़ लोग हैं, हम ऑस्ट्रेलिया नहीं हैं। हमारी आबादी ऑस्ट्रेलिया से 70 गुना अधिक है, इसलिए हम अपने भोजन के लिए आयात पर निर्भर नहीं रह सकते। कृषि हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा और कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलेगी।’’
उपराष्ट्रपति के अनुसार, कृषि क्षेत्र में अपनाए गए नए नवाचार और आधुनिक प्रौद्योगिकी देश में खेती को समृद्ध बनाएंगी।
इस बीच, नायडू ने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकार कृषि को एक आर्थिक शक्ति और किसानों को उद्यमियों के रूप में देखती है।
उन्होंने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए फसलों के प्रसंस्करण, मूल्यवर्धन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए इन उत्पादों की ब्रांडिंग करने का आह्वान किया।
भाषा अजय पाण्डेय
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