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कोलकाता के स्कूल में बच्चे को सांप ने काटा, अस्पताल में भर्ती

कोलकाता, 24 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के भवानीपुर इलाके में स्थित मित्र इंस्टीट्यूशन की पहली कक्षा के एक छात्र को सोमवार सुबह स्कूल में भोजनावकाश के दौरान कथित तौर पर सांप ने काट लिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों के अनुसार, टॉलीगंज निवासी द्रुप्तो पाल को सरकारी स्कूल के प्रशासन ने एसएसकेएम अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे भर्ती कर निगरानी में रखा गया है।

अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “बच्चे का फिलहाल इलाज जारी है और उसकी हालत स्थिर है। उसे निगरानी में रखा गया है। जांच की गई है और आगे का इलाज उसकी चिकित्सकीय स्थिति तथा रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा।”

एक सप्ताह के भीतर स्कूली बच्चे को सांप काटने की यह शहर में दूसरी घटना है। इससे पहले एक प्रमुख निजी स्कूल में तीसरी कक्षा की एक छात्रा को सांप ने काट लिया था और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

सरकारी स्कूल में हुई ताजा घटना के बाद राज्य वन विभाग ने स्कूल परिसर में तलाश अभियान चलाया।

अधिकारियों ने कक्षाओं का निरीक्षण किया और सीसीटीवी फुटेज की जांच की, लेकिन कोई सांप नहीं मिला। स्कूल प्रशासन ने परिसर की जांच के दौरान संस्थान को समय से पहले बंद करने का भी फैसला किया।

भवानीपुर की यह घटना 18 अगस्त को द हेरिटेज स्कूल में तीसरी कक्षा की एक छात्रा को स्कूल परिसर के शौचालय में कथित तौर पर सांप के काटने के छह दिन बाद हुई। उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने कहा कि सांप के जहरीला होने की संभावना कम है क्योंकि छात्र में विष के असर के कोई लक्षण नहीं थे। उसे अगले दिन अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

शहर के अलग-अलग हिस्सों में स्कूल परिसरों के भीतर हुई इन दोनों घटनाओं ने स्कूल के मैदान, शौचालय, बगीचों और अन्य संभावित संवेदनशील स्थानों की नियमित जांच की जरूरत पर फिर ध्यान खींचा है। खासकर मानसून के दौरान, जब पानी भरने या प्राकृतिक आवास में बदलाव के कारण सांप बाहर निकल सकते हैं।

हालांकि, दोनों घटनाओं में किसी की मौत नहीं हुई, लेकिन लगातार सामने आए इन मामलों से स्कूली बच्चों के अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।

एक अभिभावक ने कहा, “इन घटनाओं से यह भी स्पष्ट होता है कि स्कूलों में सांप के काटने की स्थिति से निपटने के लिए स्पष्ट आपातकालीन प्रोटोकॉल होने चाहिए और बच्चों को पारंपरिक उपचार पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत चिकित्सकीय सहायता मिलनी चाहिए।”

भाषा

राखी माधव

माधव