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मोदी सरकार ने एक पूरी पीढ़ी का भविष्य खतरे में डाला : खरगे

नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने युवाओं के लिए शिक्षा से रोजगार तक का रास्ता बंद कर दिया है और एक पूरी पीढ़ी का भविष्य खतरे में डाल दिया है।

खरगे ने नीति आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए यह भी कहा कि 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के 8.7 करोड़ युवा न तो शिक्षा हासिल कर रहे हैं, न रोजगार में हैं और न ही किसी प्रशिक्षण से जुड़े हैं।

उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘इनमें करीब 88 प्रतिशत युवा घरेलू कामों में लगे हैं।’’

उन्होंने जुलाई 2026 के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) का हवाला देते हुए कहा कि युवाओं में बेरोजगारी दर 15.6 प्रतिशत है, जबकि युवा महिलाओं में यह दर 19.5 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से सवाल किया कि स्नातक होने के बाद युवाओं के लिए नौकरियां कहां हैं?

उन्होंने दावा किया कि 20 से 29 वर्ष के आयु वर्ग के बेरोजगारों में स्नातकों की हिस्सेदारी 67 प्रतिशत है, जबकि 15 से 25 वर्ष के स्नातकों में बेरोजगारी करीब 40 प्रतिशत है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल किया कि आखिर हर साल दो करोड़ नौकरियां देने के वादे का क्या हुआ? उन्होंने कहा कि इस वादे के मुताबिक 12 वर्षों में 24 करोड़ नौकरियां होनी चाहिए थीं, लेकिन सरकारी पद खाली हैं और स्थायी रोजगार की जगह संविदा तथा अंशकालिक काम बढ़ रहा है।

खरगे ने कहा कि महंगी एवं अपर्याप्त शिक्षा, प्रश्नपत्र लीक, भर्ती में देरी, कौशल का बढ़ता अंतर और गुणवत्तापूर्ण नौकरियों की कमी ने एक पूरी पीढ़ी के भविष्य को खतरे में डाल दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों ने शिक्षा व्यवस्था को महंगा किया है और परीक्षाओं पर युवाओं का भरोसा कम हुआ है।

भाषा हक हक मनीषा

मनीषा