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गिकेल-डेलर्यू की जोड़ी और एलेक्स लानियर फ्रांस के पहले विश्व चैंपियन बने

नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) थॉम गिकेल और डेलफिन डेलर्यू की मिश्रित युगल जोड़ी तथा पुरुष एकल खिलाड़ी एलेक्स लानियर ने रविवार को यहां विश्व चैंपियन बनकर फ्रांस के लिए इतिहास रच दिया। मिश्रित युगल और पुरूष एकल में यह फ्रांस के लिए पहला स्वर्ण पदक है।

दक्षिण कोरिया की आन से यंग ने महिला एकल का अपना दूसरा खिताब जीत लिया।

विश्व की पांचवें नंबर की फ्रांस की जोड़ी गिकेल और डेलर्यू ने विश्व चैंपियनशिप के मिश्रित युगल फाइनल में चीन की दुनिया की नंबर एक जोड़ी फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग को 22-20, 19-21, 21-15 से हराकर खिताब अपने नाम किया। एक घंटे 18 मिनट चले मुकाबले में मिली यह जीत उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

इसके कुछ ही देर बाद लानियर ने एकतरफा फाइनल में जापान के कोडाई नाराओका को 21-11, 21-11 से करारी शिकस्त दी।

दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर एक आन से यंग ने जापान की तीन बार की विश्व चैंपियन और विश्व नंबर दो अकाने यामागुची को 21-17, 21-14 से हराकर महिला एकल का अपना दूसरा विश्व खिताब जीत लिया। उन्होंने इससे पहले 2023 में डेनमार्क में अपना पहला विश्व खिताब जीता था।

फाइनल के दौरान इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में माहौल बेहद जोशीला रहा। भारतीय खिलाड़ियों के फाइनल में नहीं होने के बावजूद बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

आन से यंग ने कहा, “बहुत सारे प्रशंसक मेरा समर्थन कर रहे थे। इससे मुझे आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा और ऊर्जा मिलती है।”

उन्होंने कहा, “मैंने सबसे पहले अपनी थकान दूर करने और खुद को संभालने पर ध्यान दिया। आज के मुकाबले में मैंने लगातार संघर्ष किया। छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। यही मेरी जीत का कारण रहा।”

महिला युगल में दक्षिण कोरिया की बेक हा ना और ली सो ही ने चीन की लियू शेंग शू और तान निंग को 21-15, 21-15 से हराकर खिताब अपने नाम किया।

लियांग वेई केंग और वांग चांग की पुरुष जोड़ी ने मलेशिया के आरोन चिया और सो वूई यिक को 21-17, 21-16 से हराकर चीन की झोली में इकलौता स्वर्ण पदक डाला। 2019 के बाद यह पहली बार है जब चीन को विश्व चैंपियनशिप में केवल एक स्वर्ण पदक मिला।

यूरोपीय खिलाड़ियों ने 1983 के बाद पहली बार विश्व चैंपियनशिप में दो स्वर्ण पदक जीते।

लानियर ने जीत के बाद कहा, “यह निश्चित रूप से फ्रांस के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। हमें प्रशंसकों का पूरा समर्थन मिला और पर्दे के पीछे काम कर रहे सभी लोगों ने भी हमारा पूरा साथ दिया।”

उन्होंने कहा, “आज मुझे ऐसा नहीं लगा कि मैंने यह जीत अपने लिए हासिल की है। पिछले दिनों और कल मुझे लगता था कि यह जीत मेरे लिए है, लेकिन आज का दिन फ्रांस के लिए था। जब मिश्रित युगल में जीत मिली तो हर कोई खुश था। मैंने सोचा कि मुझे उन्हें दोहरी खुशी देनी है, दोहरा जश्न देना है और एक बार फिर इतिहास रचना है।”

डेलफिन ने कहा, “यह हमारे लिए बेहद शानदार पल है। यह हमारा लक्ष्य था, लेकिन इसे हासिल करना एक अलग ही अनुभव है। आज पदक मंच पर शीर्ष स्थान हासिल करके हमें बहुत गर्व और खुशी महसूस हो रही है।”

पिछली विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली गिकेल और डेलर्यू की जोड़ी ने फाइनल में शानदार रणनीतिक खेल दिखाया। खासकर नेट पर दोनों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए चीन की हुआंग डोंग पिंग के प्रभाव को पूरी तरह बेअसर कर दिया।

गिकेल ने कहा, “हम हर मुकाबला जीतने के इरादे से उतरे थे, लेकिन हमें पता था कि यह सफर बहुत कठिन है। इसलिए हमारा पूरा ध्यान पहले मैच पर और फिर अगले मुकाबले पर रहा। हमने एक-एक मुकाबले पर ध्यान केंद्रित किया। हालांकि पूरे टूर्नामेंट में हमारा लक्ष्य जीतना था और हमने वही किया।”

विश्व चैंपियनशिप से पहले भी फ्रांसीसी जोड़ी शानदार फॉर्म में थी। इस साल दोनों ने ऑल इंग्लैंड चैंपियनशिप में उपविजेता का स्थान हासिल किया था और इंडोनेशिया तथा चीन सुपर-1000 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंचे थे।

साल 2009 में महिला एकल में कांस्य पदक जीतकर पाई होंगयान ने फ्रांस को विश्व चैंपियनशिप का पहला पदक दिलाया था। उसके 17 साल बाद फ्रांस ने एक ही सप्ताहांत में मिश्रित युगल में एक जोड़ी और पुरुष एकल में एक खिलाड़ी के रूप में दो विश्व चैंपियन हासिल किए।

पिछले साल पेरिस में थॉम गिकेल और डेलफिन डेलर्यू की जोड़ी ने कांस्य पदक जीता था।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता