नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) दिल्ली के ताहिरपुर में गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) की आपातकालीन सुविधा में एक सड़क दुर्घटना पीड़ित के तीमारदारों ने डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों पर कथित तौर पर हमला किया तथा अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।
यह घटना बृहस्पतिवार तड़के हुई जब मरीज पवन की हालत आपातकालीन सुविधा में इलाज के दौरान बिगड़ गई, जिसे राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (आरजीएसएसएच) में ले जाया गया है। इस अस्पताल में जीटीबी की आपातकालीन सुविधा स्थानांतरित की गई है।
बयान में कहा गया है कि मरीज को 19 अगस्त को एक सड़क दुर्घटना के बाद मस्तिष्क की आंतरिक चोट के कारण लोक नायक अस्पताल से रेफर किया गया था।
अस्पताल के अनुसार, जब मरीज को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया जा रहा था, तब उसके परिजनों ने कथित तौर पर एकत्र होकर हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए।
अस्पताल ने अपने बयान में आरोप लगाया कि परिजनों ने डॉक्टरों, नर्सों और अन्य कर्मचारियों को धमकाया तथा उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की। आरोप है कि उन्होंने टूटे हुए शीशों और चाकुओं से उन पर हमला किया। अस्पताल का यह भी दावा है कि उनके पास एक पिस्तौल भी थी। घटना के समय पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद थे।
मरीज पक्ष की ओर से इस संबंध में कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी।
घटना के बाद, जीटीबी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सुविधा का निरीक्षण किया और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए। डॉक्टरों और नर्सिंग अधिकारियों को भी सुरक्षा का आश्वासन दिया गया।
अस्पताल प्रशासन ने बाद में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और उनसे प्राथमिकी दर्ज करने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
अस्पताल ने कहा कि पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
भाषा नोमान सुरेश
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