Breaking News

गंगा के बढ़ते जलस्तर पर एक्शन मोड में बिहार सरकार, CM सम्राट चौधरी ने दिया निर्देश     |   अमेरिकी दूत विटकॉफ और कुशनर मॉस्को पहुंचे, रूस-यूक्रेन के बीच शांति की पहल करेंगे     |   झीरम घाटी माओवादी हमला: छत्तीसगढ़ की NIA कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों को दोषी ठहराया     |   दिल्ली की मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया     |   रूस: अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि विटकॉफ और कुशनर के साथ बातचीत करेंगे पुतिन     |  

वायु प्रदूषण पर अंकुश के लिए दिल्ली में 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध

नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि सर्दियों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के उपायों के तहत 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक दिल्ली में निर्माण गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।

गुप्ता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, नागरिकों से इस प्रतिबंध के उल्लंघन की जानकारी देने का आग्रह करते हुए कहा कि 500 ​वर्ग मीटर से अधिक के निर्माण स्थलों की निगरानी दिल्ली सरकार के ‘डस्ट पोर्टल’ और एआई से लैस कैमरों के माध्यम से की जाएगी।

उन्होंने कहा, '10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। अगर आपको इसका कोई उल्लंघन दिखे तो एमसीडी, अपने विधायक या सीधे मुझे सूचित करें।'

गुप्ता ने कहा कि पिछली सर्दियों के दौरान, चरणबद्ध प्रतिक्रिया कार्ययोजना(जीआरएपी) के लागू रहने के बावजूद कुछ स्थलों पर निर्माण गतिविधियां जारी रहीं।

उन्होंने कहा कि इस साल ऐसे स्थलों की ‘डस्ट पोर्टल’ और एआई से लैस कैमरों के माध्यम से वास्तविक समय में निगरानी की जाएगी। इससे नियम का उल्लंघन होने पर सरकार के नियंत्रण और कमान केंद्र को अलर्ट मिलेगा।

गुप्ता ने लोगों से गुजारिश की कि नियमों के उल्लंघन को लेकर उन्हें सूचित किया जाए, सोशल मीडिया पर टैग किया जाए और शिकायत की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके बाद नोटिस जारी किए जाएंगे, चेतावनियां दी जाएंगी और जुर्माना लगाया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने निर्माण और ध्वस्तीकरण स्थलों की निगरानी को मजबूत करने और धूल प्रदूषण नियंत्रण उपायों के कार्यान्वयन में सुधार के लिए जुलाई में एआई-संचालित डस्ट पोर्टल 2.0 शुरू किया था।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) द्वारा विकसित इस पोर्टल में 500 वर्ग गज या उससे बड़े निर्माण स्थलों पर नियमों के पालन की निगरानी के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित मानचित्रण, लाइव 360-डिग्री पैन-टिल्ट-ज़ूम (पीटीजेड) कैमरे, पीएम10 और पीएम 2.5 को मापने वाले सेंसर तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित विश्लेषण प्रणाली को एकीकृत किया गया है

भाषा नोमान नोमान पवनेश

पवनेश