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कर्नाटक: विधानसभा सत्र में बाधा डालने के विरोध में कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ प्रदर्शन किया

बेंगलुरु, 21 अगस्त (भाषा) कांग्रेस विधायकों ने शुक्रवार को भाजपा और जद(एस) के सदस्यों पर कर्नाटक विधानमंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाते हुए यहां विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधानसभा और विधान परिषद के अंदर प्रदर्शन कर रही है। भाजपा की मांग है कि योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र को पद से हटाया जाए। भाजपा ने उन पर कर्नाटक राज्य महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में 89 करोड़ रुपये के कथित गबन में शामिल होने का आरोप लगाया है।

मंत्री शरण प्रकाश पाटील, बी. नागेंद्र, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद और अन्य विधायकों ने प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने नारे लगाते हुए मांग की कि विधानमंडल की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने दी जाए।

कांग्रेस विधायकों ने कहा कि हंगामे के कारण वे विधानसभा में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण और ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने भाजपा और जनता दल (एस) पर विधानमंडल की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।

उन्होंने विपक्षी दलों के खिलाफ नारे लगाते हुए कहा, “सदन की कार्यवाही चलने दें और संविधान की रक्षा करें।”

नागेंद्र ने कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से धन के कथित गबन के आरोपों के बाद पिछली सिद्धरमैया के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में जनजातीय कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उन्हें तीन अगस्त को शिवकुमार के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया।

प्रवर्तन निदेशालय ने जुलाई 2024 में वाल्मीकि निगम घोटाले के सिलसिले में बल्लारी के विधायक को गिरफ्तार किया था। इसके बाद बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने उसी वर्ष अक्टूबर में उन्हें जमानत दे दी थी।

इस मामले के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा दाखिल आरोपपत्रों में नागेंद्र का नाम शामिल किया गया है।

भाषा तान्या नरेश

नरेश