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सीएक्यूएम ने 2028 से दिल्ली-एनसीआर में हल्के डीजल-पेट्रोल मालवाहक वाहनों पर रोक की मंजूरी दी

नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) दिल्ली और एनसीआर के उच्च वाहन घनत्व (एचवीडी) वाले जिलों में 2027 से माल ढुलाई के लिए केवल एन1 श्रेणी (3500 किलोग्राम से कम वजन) के हल्के इलेक्ट्रिक वाहनों को पंजीकृत करने की अनुमति होगी और 2028 में इस नियम के दायरे में एनसीआर के अन्य सभी जिले लाए जाएंगे। यह जानकारी सीएक्यूएम के सदस्य सचिव तन्मय कुमार पिथोडे ने बृहस्पतिवार को दी।

उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि एनसीआर के अन्य जिलों में अभी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आधारभूत संरचना स्थापित किया जाना बाकी है।

पिथोडे का यह बयान तब आया जब ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बुधवार को दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण कम करने की कोशिशों के तहत सीएनजी, पेट्रोल और डीजल से चलने वाले हल्के वाणिज्यिक वाहनों (एलजीबी)के पंजीकरण पर चरणबद्ध तरीके से रोक लगाने की योजना को मंजूरी दी है।

दिल्ली और एनसीआर के उच्च वाहन घनत्व वाले जिलों में 3,500 किलोग्राम से अधिक और 7,500 किलोग्राम तक वजन वाले एलजीबी एन-2 श्रेणी के लिए पाबंदियां 2028 से लागू होंगी।

उच्च वाहन घनत्व वाले जिलों में गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर शामिल है।

हालांकि, एनसीआर के बाकी सभी ज़िलों में सीएनजी, पेट्रोल और डीज़ल से चलने वाले एन-2 श्रेणी के हल्के मालवाहक वाहनों के पंजीकरण पर रोक 2029 से लागू होगी।

भाषा धीरज वैभव

वैभव