नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नीतियां बनाने में नये दृष्टिकोण लाने के लिए सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच अधिक सहयोग का बृहस्पतिवार को आह्वान किया।
मोदी ने भारत सरकार के सचिवों के साथ तीसरी उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मानव हस्तक्षेप और समझ-बूझ से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया।
उन्होंने सचिवों से देश के भविष्य को किस दिशा में आकार दिया जाना चाहिए, इस बारे में दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ विचार करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार मोदी ने नीतियां बनाने में नये दृष्टिकोण लाने के लिए सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के बीच अधिक सहभागिता और सहयोग का आह्वान किया।
मोदी ने डेटा को राष्ट्रीय संपत्ति बताते हुए विभिन्न उद्देश्यों के लिए डेटा एकत्र करने और इसका प्रबंधन करने के तरीकों में अंतर की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने ऐसे समाधान खोजने का आह्वान किया, जिससे डेटा का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अलग-अलग दायरों में बंटकर काम करना केवल संगठनात्मक समस्या नहीं है, बल्कि यह सोच से जुड़ी समस्या भी है। उन्होंने अधिकारियों से सहयोग और जुड़ाव की भावना के साथ काम करने का आग्रह किया।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने अधिकारियों के बीच अनौपचारिक संवाद और टीम भावना विकसित करने के महत्व पर भी जोर दिया।
उन्होंने देश के रक्षा उद्योग को और मजबूत करने तथा उसे वैश्विक स्तर पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बयान के अनुसार सचिवों ने प्रमुख प्राथमिकताओं और इन्हें लागू करने में आने वाली चुनौतियों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए।
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देवेंद्र वैभव
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