नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बृहस्पतिवार को शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के मकसद से अहम प्राथमिकताओं और पहलों की समीक्षा की गई।
‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जोशी ने कहा कि बातचीत शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, संस्थागत उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और छात्रों के लिए अवसर बढ़ाने पर केंद्रित थी।
उन्होंने कहा, “उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की। हमने शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, संस्थानों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और छात्रों के लिए अवसर बढ़ाने से जुड़ी मुख्य प्राथमिकताओं और पहलों की समीक्षा की।”
यूजीसी-नेट के प्रश्नपत्र में हालिया गड़बड़ियों और उससे पहले नीट-यूजी मेडिकल परीक्षा का पेपर लीक होने की वजह से आलोचना झेल रहे शिक्षा मंत्रालय ने हालात को ठीक करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक विवाद के बीच धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पद संभालने वाले जोशी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई बैठक के बाद, मंत्रालय ने घोषणा की कि नए शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिया है कि परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए सभी जरूरी सुरक्षा और संबंधित बुनियादी ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मंत्री के निर्देशों के बाद, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने मंत्रालय को उस एजेंसी द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में जानकारी दी, जो देश में कई परीक्षाओं के आयोजन के लिए जिम्मेदार है।
सरकार ने मंगलवार को एनटीए की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों की घोषणा की। इनमें चार-स्तरीय पेपर निरीक्षण व्यवस्था, 600 विशेषज्ञों को हटाकर उनकी जगह नए विशेषज्ञों को शामिल करना और सीआईएसएफ की सुरक्षा वाला नया परिसर तैयार करना शामिल है।
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