नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि दिल्ली का मास्टर प्लान (एमपीडी) 2047 शहर के भविष्य के विकास की दिशा तय करेगा।
गुप्ता ने कहा कि यह केवल एक दस्तावेज नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी के विकास के लिए एक 'व्यापक प्रारूप' है। उन्होंने एमपीडी का बृहस्पतिवार को अनावरण किया।
उन्होंने कहा, 'दिल्ली के लिए, यह सिर्फ एक मास्टर प्लान नहीं है, बल्कि विकास के लिए एक दृष्टि दस्तावेज है। विकास का एक व्यापक प्रारूप है। राजधानी की मौजूदा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, यह भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास की दिशा तय करेगा। केंद्र और दिल्ली सरकारों के बीच बेहतर समन्वय शहर के विकास को नई गति दे रहा है।'
गुप्ता ने एक बयान में कहा कि 2047 तक शहर की आबादी लगभग 3.20 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है और इसे ध्यान में रखते हुए, किफायती आवास पर विशेष ध्यान देने के साथ लगभग 30 से 40 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली का विकास सड़कों और इमारतों तक ही सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसमें बेहतर आवास, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, रोजगार, परिवहन, हरित स्थान और सार्वजनिक सुविधाएं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में कई पुरानी आवासीय कॉलोनियों के निवासी वर्षों से अपने क्षेत्रों के पुनर्विकास का इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, 'दिल्ली में झुग्गी बस्तियों के लिए डीडीए और दिल्ली सरकार के बीच समन्वय के साथ पीपीपी मॉडल के माध्यम से आवास विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। पात्र परिवारों को बेहतर और सम्मानजनक आवास प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।'
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नोमान संतोष
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