नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) ‘मास्टर प्लान दिल्ली (एमपीडी) 2047’ में संबंधित अधिकारियों की अनुमति के अधीन जल निकायों में नौकायन, 'फ्लोटिंग कैफे' व 'फ्लोटिंग लाइब्रेरी' जैसी जल आधारित मनोरंजक गतिविधियों की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। बृहस्पतिवार को यह योजना अधिसूचित की गयी।
इस पहल का उद्देश्य जल निकायों को मनोरंजन के लिए अधिक सुलभ बनाना है, साथ ही इनके विकास के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना है।
योजना के अनुसार, एक हेक्टेयर से बड़े जल निकायों के किनारे नई परियोजनाओं में, जहां संभव हो, कम से कम 10 मीटर का अनिवार्य बफर क्षेत्र बनाए रखना होगा।
मास्टर प्लान में सभी भूमि उपयोग क्षेत्रों में मनोरंजन संबंधी गतिविधियों की अनुमति दी गई है।
रणनीतिक महत्व वाले पार्कों और खेल केंद्रों के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) प्रत्येक मामले के आधार पर विशेष विकास नियंत्रण मानदंड तय कर सकता है।
योजना के मुताबिक, मनोरंजन क्षेत्रों में स्थायी और अस्थायी ढांचे दिव्यांगजनों के लिए भी सुलभ होने चाहिए।
वहीं, पार्किंग और इमारतों की ऊंचाई से जुड़े नियम संबंधित अधिकारियों द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार लागू होंगे।
भाषा जितेंद्र पवनेश
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