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मास्टर प्लान दिल्ली 2047 : नालों के किनारे ‘ग्रीनवे’ और ‘ग्रीन-ब्लू’ नेटवर्क के विस्तार की योजना

नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को जारी दिल्ली मास्टर प्लान-2047 में शहर के नालों के किनारे हरित पट्टी को ‘ग्रीनवे’ के तौर पर विकसित करने और दिल्ली की हरियाली और जल-स्रोतों को जोड़ने वाले पैदल यात्रियों व साइकिल चालकों के रास्तों का नेटवर्क बनाने की परिकल्पना की गई है।

इस योजना के तहत सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग तथा दूसरी संबंधित एजेंसियों को नालों के किनारे ‘ग्रीनवे’ विकसित करने का जिम्मा सौंपा जाएगा। इन जगहों को उनके प्राकृतिक स्वरूप में बनाए रखा जा सकता है, या फिर ‘बायोस्वेल्स’ के साथ आर्द्र भूमि के रूप में विकसित किया जा सकता है, ताकि बारिश का पानी जमा हो सके और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा मिल सके।

‘बायोस्वेल्स’ पौधों और मिट्टी से भरी हुई ऐसी विशेष नालियां हैं जो बारिश के गंदे पानी को प्राकृतिक तरीके से साफ़ करके वापस ज़मीन में पहुंचाती हैं।

योजना के मुताबिक इन बफर ज़ोन के कुछ हिस्सों को लोगों के सक्रिय इस्तेमाल के लिए पार्क, योग, खेल, खुली जगह में होने वाली प्रदर्शनी, पेड़-पौधों के संग्रह, सामुदायिक उद्यान, नौकायन और कियोस्क जैसी सुविधाओं के साथ डिज़ाइन किया जा सकता है। साथ ही, ‘ग्रीनवे’ के साथ विरासत स्थलों को भी जोड़ा जा सकता है।

यह प्रस्ताव मास्टर प्लान दिल्ली 2047 की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य नई ‘ग्रीन-ब्लू’ परिसंपत्तियों को विकसित करना है। इस योजना में बताया गया है कि दिल्ली में नजफगढ़, ट्रांस-यमुना और बारापुल्ला नाला क्षेत्र में फैले प्राकृतिक और बनाए गए नालों का एक बड़ा नेटवर्क है।

भाषा धीरज वैभव

वैभव