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गुवाहाटी, 20 अगस्त (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास उपायों पर चर्चा की।
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने संकट से निपटने के लिए हर संभव सहायता देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने नयी दिल्ली में मोदी से मुलाकात की और अपने दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने के मौके पर अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की।
शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘असम में बाढ़ से बचाव एवं राहत अभियान के दौरान आदरणीय मोदी जी लगातार संपर्क में रहे, स्थिति की बारीकी से समीक्षा करते रहे और हर संभव सहायता प्रदान करते रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ असम सरकार के अगले चरण की कार्ययोजना साझा की, जिसमें प्रभावित क्षेत्रों का पुनर्निर्माण, लोगों की आजीविका बहाल करना और व्यापक स्तर पर पुनर्वास एवं सुधार सुनिश्चित करना शामिल है।
शर्मा ने कहा, ‘‘उन्होंने (मोदी) इस अभियान को उसके अंतिम लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार के अटूट समर्थन को दोहराया।’’
असम में बाढ़ की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है, हालांकि चार जिलों में अब भी लगभग 17,000 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इस साल बाढ़ के कारण मृतकों की संख्या 105 हो गई है।
इस बीच नयी दिल्ली स्थित असम भवन ने एक बयान में कहा कि मोदी और शर्मा के बीच हुई बैठक में बाढ़ की स्थिति से निपटने और राज्य के विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने में केंद्र और असम सरकार के बीच करीबी समन्वय पर चर्चा हुई।
इसमें कहा गया है, ‘‘मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी पुनर्वास और पुनर्निर्माण सुनिश्चित करने के साथ-साथ ‘विकसित असम’ के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’
शर्मा ने कहा कि बातचीत में बाढ़ के बाद राहत एवं पुनर्वास के प्रयासों को आगे बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। इसमें विशेष रूप से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और आपदा से प्रभावित लोगों की आजीविका बहाल करने पर जोर दिया गया।
विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को असम सरकार द्वारा अपने कार्यकाल के पहले 100 दिनों के दौरान उठाए गए प्रमुख कदमों के बारे में भी जानकारी दी।
शर्मा ने कहा, ‘‘आदरणीय मोदी जी के निरंतर मार्गदर्शन और ‘विकसित असम’ के हमारे साझा दृष्टिकोण को साकार करने के प्रति उनके अटूट संकल्प के लिए मैं उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।’’
भाषा
देवेंद्र अविनाश
अविनाश