ढाका, 20 अगस्त (भाषा) सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के लंबे समय से महासचिव और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के करीबी सहयोगी रहे मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को बृहस्पतिवार को देश का नया राष्ट्रपति चुना गया।
देश में इस पद के लिए 35 साल में पहली बार हुए मुकाबले में 78 वर्षीय आलमगीर ने 255 मत प्राप्त किये।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं निर्वाचन अधिकारी ए.एम.एम. नासिर उद्दीन ने कहा कि बीएनपी के वरिष्ठ नेता ने अपने प्रतिद्वंद्वी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के अध्यक्ष एवं जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11-दलीय विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार 84 वर्षीय कर्नल (सेवानिवृत्त) ओली अहमद को हरा दिया।
उन्होंने कहा कि आलमगीर को 255 मत मिले जबकि ओली अहमद को 88 मत प्राप्त हुए।
उन्होंने बताया कि कुल 349 पंजीकृत मतदाताओं में से 343 ने मतदान किया जबकि छह सांसदों ने मतदान नहीं किया।
आलमगीर शुक्रवार शाम बंगभवन के दरबार हॉल में बांग्लादेश के नये राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे।
यह 1991 के बाद बांग्लादेश में राष्ट्रपति पद के लिए ऐसा पहला चुनाव है जिसमें मुकाबला हुआ है। इस पद के लिए पिछले कुछ दशकों में आमतौर पर सर्वसम्मति से या निर्विरोध चयन होता रहा है।
प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने राष्ट्रपति चुनाव में जीत पर आलमगीर को बधाई दी। सांसदों ने भी मेज थपथपाकर आलमगीर को बधाई दी।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के करीबी सहयोगी मोहम्मद शहाबुद्दीन ने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले पिछले महीने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया था।
संविधान के तहत, राष्ट्रपति का पद रिक्त होने के 90 दिनों के भीतर नये राष्ट्रपति का चुनाव किया जाना आवश्यक है।
बांग्लादेश की संवैधानिक व्यवस्था के तहत राष्ट्रपति का चुनाव संसद सदस्यों द्वारा किया जाता है।
गत 12 फरवरी को हुए चुनाव में सत्ता में आई बीएनपी के पास वर्तमान में संसद में दो-तिहाई बहुमत है।
एक दिन पहले, आलमगीर ने संकल्प लिया था कि वह देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता से कभी समझौता नहीं करेंगे।
भाषा
देवेंद्र नरेश
नरेश