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तमिलनाडु के लिए केआरएस बांध से पानी छोड़े जाने के विरोध में कावेरी बेसिन में प्रदर्शन तेज

बेंगलुरु, 20 अगस्त (भाषा) कावेरी बेसिन, खासकर मांड्या में किसानों ने कृष्णा राजा सागर (केआरएस) बांध से तमिलनाडु के लिए पानी छोड़े जाने के विरोध में बृहस्पतिवार को प्रदर्शन तेज कर दिया।

कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) की उस सिफारिश को बरकरार रखा है, जिसमें 12 अगस्त से 15 दिनों तक प्रतिदिन 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की बात कही गई थी।

सूत्रों के अनुसार, तमिलनाडु सरकार ने उच्चतम न्यायालय का रुख किया है और कर्नाटक को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के आदेश का पालन करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

मांड्या के संजय चौराहे पर किसानों ने धरना दिया। कन्नड़ सेना के कार्यकर्ताओं ने किसानों के इस प्रदर्शन को समर्थन देते हुए पुराने बेंगलुरु-मैसुरु राजमार्ग को जाम कर दिया।

प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि बांध में पानी का स्तर महज 109 फुट है। उन्होंने सवाल उठाया कि इसके बावजूद तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का फैसला क्यों किया गया।

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कन्नड़ कार्यकर्ता वटल नागराज ने पूरे देश में इसका मजबूत संदेश देने के लिए कर्नाटक के लोगों से एकजुट होकर आंदोलन का समर्थन करने की अपील की।

मांड्या के विधायक रवि कुमार गौड़ा (गनिगा) ने तमिलनाडु के लिए पानी छोड़े जाने पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। कावेरी सिंचाई सलाहकार समिति की बुधवार को हुई बैठक में गौड़ा ने सवाल उठाया कि कर्नाटक के किसानों को सिंचाई के पानी से कैसे वंचित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “एक तरफ आप तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ रहे हैं और दूसरी तरफ कह रहे हैं कि हमें पानी नहीं देंगे। अगर हमारे किसानों को उनकी फसलों के लिए पानी नहीं दिया गया तो स्थिति बहुत गंभीर हो जाएगी।”

उन्होंने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की भी मांग की। उनका कहना था कि राज्य में कई दशकों में पहली बार इतना भीषण और अभूतपूर्व सूखा पड़ा है।

मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि तमिलनाडु में दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष कावेरी जल विवाद का मुद्दा उठाया गया।

उन्होंने बताया कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कनकपुरा के पास कावेरी नदी पर मेकेदातु में संतुलन जलाशय बनाने की जोरदार पैरवी की।

भाषा तान्या खारी

खारी