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ड्रोन हमलों से यूक्रेन में नागरिकों और राहतकर्मियों के लिए खतरा बढ़ा: संरा सहायता प्रमुख

कीव, 20 अगस्त (भाषा) संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता मामलों के प्रमुख टॉम फ्लेचर ने बुधवार को चेतावनी दी कि आम नागरिकों और राहतकर्मियों के खिलाफ ड्रोन का बढ़ता इस्तेमाल यूक्रेन में सहायता अभियानों के लिए एक खतरनाक बाधा बन रहा है।

टॉम फ्लेचर ने यूक्रेन के दक्षिणी शहर खेरसॉन के दौरे के बाद ‘एपी’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने खुद देखा कि कैसे वहां के स्थानीय समुदाय रूसी ड्रोन के निरंतर खतरे के साए में जीवन यापन कर रहे हैं।

फ्लेचर ने नीपर नदी द्वारा दो हिस्सों में बंटे खेरसॉन शहर के दौरे को 'बेहद खौफनाक' बताया, जो नदी वर्तमान में युद्ध की अग्रिम पंक्ति का काम कर रही है। खेरसॉन शहर नीपर नदी द्वारा दो हिस्सों में विभाजित है। नदी के पूर्वी तट पर रूसी सेना का कब्जा है, जबकि पश्चिमी तट यूक्रेन के नियंत्रण में है।

उन्होंने बताया कि पूर्वी तट से आने वाले 'कामीकाजे ड्रोन' और निगरानी ड्रोन आए दिन आम लोगों, वाहनों और सार्वजनिक परिवहन को निशाना बना रहे हैं।

फ्लेचर ने कहा, 'यह हमें वास्तव में आने वाले खतरों की गंभीरता को समझने का मौका देता है।'

संयुक्त राष्ट्र सहायता प्रमुख ने कहा कि यह खतरा मानवीय सहायता संगठनों के लिए जरूरतमंद लोगों तक पहुंचना और कठिन बना रहा है।

फ्लेचर ने यह बात अपना फर्ज निभाते हुए जान गंवाने वाले दो मानवीय राहतकर्मियों की याद में आयोजित एक श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने के बाद कही।

उन्होंने कहा, 'ड्रोन न केवल आम नागरिकों के लिए, बल्कि उनकी सुरक्षा के लिए तैनात मानवीय राहतकर्मियों के लिए भी एक वास्तविक खतरा हैं।'

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत राहतकर्मियों को विशेष सुरक्षा प्राप्त है, इसके बावजूद राहत कार्य के चिह्नों से पहचाने जाने वाले वाहनों पर भी हमले किए गए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इसी वजह से हमारे काम करने की क्षमता सीमित हो जाती है।’’

भाषा सुमित संतोष

संतोष

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