छत्रपति संभाजीनगर, 19 अगस्त (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों को देशद्रोही, अराजकतावादी और हिंसक बताने वाले लोगों पर पलटवार करते हुए बुधवार को कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के परिवार के सदस्यों का हमारे साथ खड़ा होना हमारी देशभक्ति का सबसे बड़ा प्रमाण है।
दीपके ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने आवास पर महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत में यह टिप्पणी की।
उन्होंने कहा, “यह गर्व की बात है कि महात्मा गांधी का परिवार हमारे साथ खड़ा है। आंदोलन के दौरान हमें देशद्रोही, अराजकतावादी और हिंसक बताया गया। लेकिन आज तुषार गांधी हमारे साथ खड़े हैं, जो इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि हम शांतिप्रिय, अहिंसक और देशभक्त हैं। मुझे उम्मीद है कि जिन लोगों ने हम पर आरोप लगाए थे, उन्हें आज जवाब मिल गया होगा।”
दीपके ने आरोप लगाया कि जिस विचारधारा ने महात्मा गांधी की हत्या की, वह कई वर्षों से उनके विचारों को खत्म करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, “लेकिन गांधीजी की विचारधारा इस देश की आत्मा है। हमारा आंदोलन इसलिए सफल हुआ, क्योंकि हम महात्मा गांधी के रास्ते पर चले। हमने दिखाया कि उनके विचार कभी अप्रासंगिक नहीं हो सकते।”
दीपके ने कहा, “पहले हमारे आंदोलन की तुलना नेपाल और बांग्लादेश से की जा रही थी। लेकिन जैसा कि मैंने पहले कहा, जब दुनिया गांधीजी से सीख लेती है, तो कहीं और देखने की जरूरत नहीं है।”
तुषार गांधी ने कहा कि युवा आंदोलन की असली सफलता शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं, बल्कि यह है कि सरकार जवाब देने के लिए मजबूर हुई, जो उसने पिछले 12 वर्षों में कभी नहीं किया था।
उन्होंने कहा, “मैं अधिकारों के लिए होने वाली हर लड़ाई में शामिल होता हूं। मैं इस लड़ाई में भी हिस्सा लूंगा, लेकिन यह लड़ाई ‘जेन जी’ की है और मैं इसमें एक समर्थक की भूमिका निभा सकता हूं।”
तुषार गांधी ने कहा कि ‘जनरेशन अल्फा’ ने भी अपने अधिकारों को लेकर सवाल उठाना शुरू कर दिया है, जो कॉजपा के आंदोलन को मिली सफलता का नतीजा है।
उन्होंने कहा, “कॉजपा की ओर से शुरू किए गए आंदोलन को महाराष्ट्र से समर्थन मिल रहा है। यहां की ‘जेन अल्फा’ पीढ़ी भी अपनी समस्याओं को लेकर सवाल पूछ रही है। कॉजपा की सबसे बड़ी कामयाबी यही है कि कोई सवाल उठा रहा है।”
इस बीच, केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने बुधवार को कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई में किसी की जान नहीं गई, जबकि कांग्रेस की सरकारों के समय पुलिस की गोलीबारी में कई लोग मारे गए थे।
रीजीजू की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए तुषार गांधी ने उन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया।
तुषार गांधी ने कहा, “यह साफ है कि रीजीजू ऐसा इसलिए बोल रहे हैं, क्योंकि वह सरकार के प्रतिनिधि हैं। हमें युवाओं के धैर्य की तारीफ करनी चाहिए। अगर रीजीजू हमें यह बताना चाहते हैं कि पुलिस ने (आंदोलन के दौरान) हिंसा नहीं की, तो वह झूठ बोल रहे हैं।”
भाषा पारुल वैभव
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