नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा)बाहरी दिल्ली में एक ट्रक में सीएनजी भरने के दौरान सिलेंडर में हुए विस्फोट ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऐसे वाहन कितने सुरक्षित हैं और उनके प्रमाणन में कितनी लापरवाहियां बरती जा रही हैं।
करी कलां स्थित एक सीएनजी स्टेशन पर गैस भरने के दौरान ट्रक का सिलेंडर फटने से तीन लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
विस्फोट के बाद वाहन विशेषज्ञ अनिल छिकारा ने सीएनजी स्टेशनों द्वारा जारी किए जाने वाले प्रमाणपत्रों की कड़ी निगरानी की मांग की।
‘एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांसपोर्ट डेवलपमेंट’ के संकाय सदस्य छिकारा ने कहा, 'सीएनजी सिलेंडरों की हर तीन साल में जांच नहीं हो रही है। फर्जी प्रमाणपत्र जारी किए जा रहे हैं। सिलेंडरों पर मिट्टी और दूसरी गंदगी जमने से गर्मी बाहर निकल नहीं पाती। इससे सिलेंडर का तापमान 75 डिग्री से ऊपर पहुंच जाता है। तापमान बढ़ने से सिलेंडर के अंदर दबाव काफी अधिक (350 बार से अधिक) हो जाता है जिससे सिलेंडर फट सकता है।’’
फिलहाल, दिल्ली सरकार सीएनजी परीक्षण केंद्रों की निगरानी नहीं करती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली और एनसीआर में ऐसे कई स्टेशन बिना भौतिक जांच के ही प्रमाण पत्र जारी कर देते हैं।
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संतोष