Breaking News

गंगा के बढ़ते जलस्तर पर एक्शन मोड में बिहार सरकार, CM सम्राट चौधरी ने दिया निर्देश     |   अमेरिकी दूत विटकॉफ और कुशनर मॉस्को पहुंचे, रूस-यूक्रेन के बीच शांति की पहल करेंगे     |   झीरम घाटी माओवादी हमला: छत्तीसगढ़ की NIA कोर्ट ने सभी 10 आरोपियों को दोषी ठहराया     |   दिल्ली की मुख्यमंत्री ने जलभराव वाले इलाकों का निरीक्षण किया     |   रूस: अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि विटकॉफ और कुशनर के साथ बातचीत करेंगे पुतिन     |  

उच्च न्यायालय ने तिब्बती मूल के व्यक्ति के नागरिकता आवेदन की जांच के निर्देश दिए

नैनीताल, 19 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने देहरादून के जिलाधिकारी को तिब्बती मूल के एक व्यक्ति के भारतीय नागरिकता के आवेदन और उससे संबंधित दस्तावेजों की जांच कर कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकल पीठ ने यह आदेश तेनजिन थिनले की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि उसने नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था, लेकिन देहरादून के जिलाधिकारी कार्यालय ने उसका आवेदन अब तक केंद्र सरकार के सक्षम प्राधिकारी को नहीं भेजा है। इसके बाद उसने उच्च न्यायालय का रुख किया।

याचिका में अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन आगे भेजने और भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में आवश्यक निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

इसमें मामले से संबंधित अभिलेख अदालत के समक्ष मंगाने का अनुरोध भी किया गया था।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से याचिका का हवाला देते हुए बताया गया कि तेनजिन थिनले का जन्म 15 सितंबर 1992 को हुआ था और वह 12 मई 2013 को तिब्बत के रास्ते भारत आया था।

अदालत ने देहरादून के जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत नागरिकता आवेदन और उसके साथ संलग्न सभी दस्तावेजों की जांच करें।

अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आवेदन और दस्तावेज निर्धारित कानूनी आवश्यकताओं के अनुरूप पाए जाते हैं, तो जिलाधिकारी उन्हें केंद्र सरकार के सक्षम प्राधिकारी को अग्रसारित करेंगे। इसके लिए आदेश की प्रमाणित प्रति प्राप्त होने की तारीख से छह सप्ताह की समयसीमा निर्धारित की गई है।

भाषा सं दीप्ति खारी

खारी