नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने बुधवार को फैसला किया कि वह शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली की कथित अनियमितता को लेकर अपनी मुहिम तेज करेगी और राम मंदिर से ‘‘चंदा चोरी’’ के मुद्दे पर सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को घेरने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाएगी।
पार्टी की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में यह फैसला भी किया गया कि वर्तमान समय में जारी ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को अब 800 छोटे-बड़े शहरों में आयोजित किया जाएगा, जिनमें से कई में राहुल गांधी शामिल होंगे।
मुख्य विपक्षी दल ने ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े हालिया विवाद पर स्पष्ट किया कि वह 1937 में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल और उस समय के अन्य प्रमुख नेताओं द्वारा किए गए फैसले का पूरी तरह पालन करेगी तथा इसी के अनुरूप पार्टी कार्यकर्ता राष्ट्रगीत के सिर्फ दो अंतरे ही गाएंगे।
कांग्रेस मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में आयोजित बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने की। इसमें पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, जयराम रमेश और के. सी. वेणुगोपाल समेत पार्टी के शीर्ष नेता शामिल हुए।
इसमें तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी, केरल के मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार भी मौजूद थे।
बैठक को संबोधित करते हुए खरगे ने नरेन्द्र मोदी सरकार पर युवाओं का भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगाया और कहा कि कांग्रेस को भविष्य की तैयारी के लिहाज से युवाओं के लिए स्पष्ट, व्यापक और समयबद्ध ‘‘एजुकेशन-टू-एम्प्लॉयमेंट रोडमैप’’ तैयार करना चाहिए।
खरगे और राहुल गांधी ने पार्टी शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने प्रदेशों में शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में आवश्यक सुधारों पर एक रिपोर्ट तैयार कर एक महीने के भीतर पार्टी अध्यक्ष को सौंपें।
तेलंगाना, कर्नाटक, केरल और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के मुख्यमंत्री हैं।
सूत्रों का कहना है कि बैठक में राहुल गांधी ने युवाओं और छात्रों के विषय पर आक्रामक तरीके से आगे बढ़ने पर जोर दिया और कहा कि मोदी सरकार पूरी तरह बैकफुट पर आ चुकी है।
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई और पार्टी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार में विदेश नीति ‘समर्पण नीति’ बन चुकी है।
बैठक में कहा गया कि कार्य समिति की राय है कि महिला आरक्षण लोकसभा की 543 सीटों पर ही लागू होना चाहिए और अगले 25 वर्षों तक सीटों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं की जाए।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा कि छात्रों के मुद्दों को लेकर पार्टी के कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’’ को अब 800 छोटे-बड़े शहरों में आयोजित किया जायेगा, जिनमें कई कार्यक्रमों में राहुल गांधी भी शामिल होंगे।
यह कार्यक्रम पहले ही कोटा, देहरादून और प्रयागराज में आयोजित किया जा चुका है तथा आगामी शनिवार को पुणे में इसका आयोजन होगा।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि बैठक में राम मंदिर से ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे पर भी चर्चा हुई और यह अब लोगों की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बन गया है।
वेणुगोपाल ने दावा किया कि ध्रुवीकरण के लिए राम मंदिर का इस्तेमाल करने वाले लोग अब पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटियों से इस मुद्दे पर प्रदर्शन करने को कहा गया है।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर से ‘चंदे की चोरी’ अब ‘‘घर-घर चोरी’’ का मुद्दा बन गया है।
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में विदेश नीति के विषय पर मोदी सरकार को विफल बताया गया।
कार्य समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है, ‘‘कांग्रेस कार्यसमिति मोदी सरकार द्वारा अमेरिकी दबाव के आगे भारत की कृषि व ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक संप्रभुता को बलिदान किए जाने को लेकर अत्यंत चिंतित है। इसी के साथ, अरुणाचल प्रदेश में चीन की घुसपैठ की खबरें भी बेहद चिंताजनक हैं।’’
कार्य समिति ने कहा, ‘‘सरकार चीन को 'लाल आंख' दिखाने की बात करती है, जबकि ज़मीनी हक़ीक़त प्रधानमंत्री मोदी को भारत की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने में कायर साबित करती है, यहां तक कि उनकी आर्थिक नीतियां चीन के साथ व्यापार घाटे को बढ़ा रही हैं और असलियत से उसी आक्रामकता को वित्तपोषित कर रही हैं, जिसे रोकना उनका कर्तव्य है।’’
वेणुगोपाल के मुताबिक, कार्य समिति ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में पिछले दिनों कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के सभा स्थल का कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किए जाने की भी निंदा की।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्य समिति ने इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से माफी मांगने की मांग की है।
कार्य समिति ने ‘ई20’ विषय पर कहा, ‘‘कार्य समिति ई20 के कारण कम माइलेज, वाहनों से जुड़े जोखिम और उपभोक्ताओं के पास विकल्पों के सीमित होने को लेकर अपनी चिंता दोहराती है। इसके अतिरिक्त, कांग्रेस कार्यसमिति यह भी रेखांकित करती है कि ईंधन के दूषित होने तथा गन्ने और मक्के को ईंधन के लिए इस्तेमाल करने से पर्यावरणीय क्षति से जुड़ी चिंताएं अब भी अनसुलझी हैं और इन पर तत्काल ध्यान देने तथा शीघ्र समाधान किए जाने की आवश्यकता है।’’
भाषा हक
हक अविनाश
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