नयी दिल्ली, 19 अगस्त (भाषा) बाहरी दिल्ली में सीएनजी स्टेशन पर हुए विस्फोट में फंसे कर्मियों के परिवारों ने बुधवार को कहा कि उन्हें अपने प्रियजनों को अस्पताल पहुंचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा, जबकि एक परिवार ने दावा किया कि गंभीर रूप से घायल एक कर्मचारी आंधे घंटे तक खून से लथपथ पड़ा रहा।
मनीष (25) के परिवार के सदस्यों ने उसे उस ईंधन पंप पर खून से लथपथ पाया जहां विस्फोट हुआ था।
उसके चाचा विजय प्रसाद ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ‘‘वह आधा घंटा वहीं पड़ा रहा। उसका बहुत सारा खून बह चुका था। ऐसे कोई कैसे बच सकता था?’’
पंप पर करीब तीन साल से काम कर रहे मनीष की ड्यूटी बुधवार अपराह्न करीब दो बजे शुरू हुई थी। यह विस्फोट दोपहर को उस समय हुआ जब एक ट्रक में सीएनजी भरी जा रही थी।
प्रसाद ने बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली कि सिलेंडर फट गया है और मनीष गंभीर रूप से घायल है।
उन्होंने कहा, 'मैंने अपने भाई को फोन किया, और वह, मेरा भतीजा और कई अन्य लोग यहां पहुंचे।'
उनके मुताबिक, जब तक उसे एम्बुलेंस में रखा गया, उसका काफी खून बह चुका था।
प्रसाद ने कहा, 'उसे ले जाने वाला कोई नहीं था। गैस स्टेशन के सारे कर्मी भाग गए थे।”
उसके चाचा ने बताया कि आखिरकार मनीष को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसका काफी खून बह चुका था।
पुलिस ने कहा कि विस्फोट में मनीष के अलावा 34 वर्षीय ब्रह्मजीत और 30 वर्षीय सन्नी की भी मौत हो गई। ये दोनों निजामपुर के निवासी थे और स्टेशन पर कर्मचारी थे।
ब्रह्मजीत और घायल अक्षय के रिश्तेदार आदित्य ने कहा कि दोनों भाई करीब दो साल से सीएनजी स्टेशन पर काम कर रहे थे।
आदित्य ने कहा, 'अक्षय की पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। उसकी हालत गंभीर है। ब्रह्मजीत की मौके पर ही मौत हो गई।'
उन्होंने कहा कि दोनों व्यक्ति शादीशुदा थे और उनके दो-दो बच्चे हैं।
आदित्य ने आरोप लगाया, 'जब हम पहुंचे तो वहां कोई पुलिस या एम्बुलेंस नहीं थी। हमें उन्हें खुद ही बहादुरगढ़ के जीवन ज्योति अस्पताल ले जाना पड़ा।'
पुलिस ने दावा किया कि विस्फोट के तुरंत बाद वरिष्ठ अधिकारी मौके पर थे। उन्होंने दावा किया कि बाहरी जिले के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी), सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) और मुंडका थाने के प्रभारी (एसएचओ) घटनास्थल पर थे।
दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बताया कि अपराह्न 3.37 बजे घटना की सूचना दी गई, जिसके बाद दमकल की छह गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।
डीएफएस अधिकारी ने बताया कि ट्रक के पास खड़े छह लोग विस्फोट की चपेट में आ गए।
पुलिस ने बताया कि विस्फोट के सटीक कारण का तुरंत पता नहीं चल सका है।
पुलिस ने बताया कि तीन घायलों सुरजीत, संजय और विपिन को मुंडका के सीडी ग्लोबल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
भाषा नोमान नोमान संतोष
संतोष