जयपुर, 19 अगस्त (भाषा) ब्रिक्स देशों के बीच सतत एवं जिम्मेदार पर्यटन, कौशल विकास, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग और निर्बाध यात्रा को सुगम बनाने समेत विभिन्न मुद्दों पर बुधवार को यहां ब्रिक्स 2026 पर्यटन कार्य समूह की बैठक में चर्चा हुई।
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत आयोजित बैठक की अध्यक्षता पर्यटन सचिव भुवनेश कुमार ने की। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में भारत द्वारा तय चार प्राथमिकताओं--कृत्रिम बुद्धिमत्ता और पर्यटन, सतत एवं जिम्मेदार पर्यटन, पर्यटन क्षेत्र में कौशल विकास एवं क्षमता निर्माण तथा पर्यटन आदान-प्रदान और निर्बाध यात्रा को सुगम बनाना—पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक का ध्येयवाक्य ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण’ था।
कुमार ने कहा कि 25 मई को आयोजित पहली पर्यटन कार्य समूह की ‘डिजिटल’ बैठक और उसके बाद हुए विचार-विमर्श से भारत के ब्रिक्स पर्यटन एजेंडे में प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में सततता, कौशल विकास, निर्बाध यात्रा और स्मार्ट पर्यटन के क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि बैठक में हुए विचार-विमर्श के परिणाम 21 अगस्त को होने वाली ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक के लिए आधार उपलब्ध कराएंगे।
कार्य समूह ने यह भी माना कि तकनीकी बदलावों और यात्रियों की बदलती अपेक्षाओं के बीच पर्यटन आर्थिक विकास, रोजगार, सतत विकास और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
कार्यक्रम के तहत ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि बृहस्पतिवार को जयपुर के हवा महल, सिटी पैलेस और आमेर महल का दौरा करेंगे तथा राजस्थान की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत से रूबरू होंगे।
भाषा बाकोलिया राजकुमार
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