कोलकाता, 19 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल के मंत्री कौशिक चौधरी ने बुधवार को कहा कि दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई के चलते मध्य कोलकाता में आग की चपेट में आई पांच मंजिला इमारत से करीब 80 लोगों को बचाया जा सका।
इस अग्निकांड में नौ लोगों की मौत हो गई थी।
चौधरी ने कहा कि प्रथम दृष्टया प्रतीत होता है कि नौ लोगों की मौत दम घुटने से हुई, क्योंकि अधिकतर मृतकों के शरीर पर जलने के निशान नहीं मिले हैं।
चौधरी ने मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित घटनास्थल पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम इमारत से करीब 80 लोगों को बचाने में सफल रहे।’’
घटनास्थल का दौरा करते हुए राज्य की शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने सवाल किया कि इलाके में होटल और अन्य प्रतिष्ठानों को जरूरी व्यापार लाइसेंस तथा दमकल विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) कैसे मिले। उन्होंने इस मामले में विभाग में अपने पूर्ववर्ती की भूमिका पर भी सवाल उठाया।
पुलिस के अनुसार, पांच मंजिला इमारत में कई होटल संचालित होते हैं। आग में चार साल के एक बच्चे और दो महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हुई, जबकि छह अन्य घायल हुए।
चौधरी ने बताया कि एक दंपति को प्रभावित हिस्से की एकमात्र खिड़की से बाहर निकाला गया। उन्होंने कहा, ‘‘अगर खिड़कियां तथा उचित इंतजाम होते तो कुछ और लोगों को भी बचाया जा सकता था।’’
मंत्री ने कहा कि दमकल विभाग का मुख्यालय घटनास्थल के पास ही है, इसलिए विभाग ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तत्काल बचाव अभियान शुरू कर दिया।
उन्होंने बताया, ‘‘हमें रात करीब 2.07 बजे सूचना मिली और 2.08 बजे बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।’’
इमारत में फायर अलार्म और अन्य सुरक्षा मानकों के पालन के बारे में पूछे जाने पर चौधरी ने कहा कि इसकी जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस इमारत की हर मंजिल पर चार से पांच होटल हैं और इनमें से अधिकांश तंग कमरों में खिड़कियां तक नहीं हैं।’’
चौधरी ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि ऐसे होटलों को व्यापार लाइसेंस कैसे जारी किए गए।
उन्होंने कहा कि घटना की विस्तृत जांच की जाएगी और जो लोग इसके जिम्मेदार पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि घटना की जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी। उन्होंने कहा कि आसपास की कई अन्य इमारतों में भी होटल चल रहे हैं और उनकी भी जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्यभर के सभी होटलों का फायर ऑडिट कराया जाएगा।
पॉल ने कहा कि कोलकाता नगर निगम, दमकल विभाग, पुलिस और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों की एक समिति गठित की जाएगी, जो यह जांच करेगी कि प्रभावित परिसर के आसपास की सभी इमारतों में अग्नि सुरक्षा और भवन संबंधी अन्य मानदंडों का पालन किया जा रहा है या नहीं।
पॉल ने कहा कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ चर्चा की जाएगी।
शहरी विकास मंत्री ने ऐसी इमारतों में सुरक्षा सुनिश्चित करने में अपने पूर्ववर्ती की भूमिका पर भी सवाल उठाया।
पॉल से पहले फिरहाद हकीम शहरी विकास मंत्री और कोलकाता के महापौर थे।
यह घटना बीरभूम जिले के तारापीठ में 17 अगस्त को होटल में लगी आग में नौ लोगों की मौत के दो दिन बाद हुई।
भाषा
राखी पवनेश
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