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मेघालय मंत्रिमंडल ने निजी विश्वविद्यालयों को यूजीसी मानकों के अनुरूप लाने की पहल की

शिलांग, 19 अगस्त (भाषा) बुधवार को मंत्रिमंडल ने तीन निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े कानूनों में संशोधन को मंजूरी दे दी, ताकि उनके संचालन को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानकों के अनुरूप किया जा सके और उनके प्रबंधन निकायों में सरकार का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सके।

मेघालय मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ऑफ मेघालय (संशोधन) विधेयक, 2026 और महात्मा गांधी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत दोनों संस्थानों के विजिटर (परिदर्शक) राज्यपाल होंगे। इससे पहले विजिटर नामित करने का अधिकार प्रायोजक संस्था के पास था।

मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने कहा कि इन संशोधनों का उद्देश्य निजी विश्वविद्यालयों के कामकाज में एकरूपता सुनिश्चित करना और उन्हें नियामकीय आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना है।

संगमा ने कहा, ''इन संशोधनों का उद्देश्य विजिटर से संबंधित प्रावधानों को यूजीसी के मानकों के अनुरूप लाना और राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के साथ एकरूपता सुनिश्चित करना है।''

संशोधनों के तहत दोनों विश्वविद्यालयों के प्रबंधन बोर्ड में सरकार के प्रतिनिधियों की संख्या एक से बढ़ाकर दो और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में सरकारी सदस्यों की संख्या दो से बढ़ाकर तीन कर दी जाएगी।

मंत्रिमंडल ने मार्टिन लूथर क्रिश्चियन यूनिवर्सिटी (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय के कामकाज को यूजीसी के नियमों के अनुरूप बनाना है।

संशोधन के तहत इस विश्वविद्यालय का परिचालन क्षेत्र केवल मेघालय तक सीमित रहेगा, साथ ही दूरस्थ शिक्षा और कॉलेजों को संबद्धता देने से जुड़े प्रावधानों को हटा दिया जाएगा।

संगमा ने कहा, ''इन बदलावों से यह सुनिश्चित होगा कि विश्वविद्यालय का ढांचा लागू नियामकीय मानकों के अनुरूप बना रहे।''

भाषा

मनीषा

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