कोलकाता, 18 अगस्त (भाषा) पश्चिम बंगाल पुलिस ने इन दावों को खारिज कर दिया है कि बांकुरा के एक व्यक्ति की मौत 'कॉकरोच जनता पार्टी' (कॉजपा) के एक कार्यकर्ता के पिता पर हुए 'बर्बर शारीरिक हमले' के कारण हुई है।
पुलिस का कहना है कि व्यक्ति को उसके आवास पर हुए कथित हमले के दौरान केवल मामूली चोट आई थी और बाद में रक्तचाप में भारी उतार-चढ़ाव के कारण अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद उसकी मौत हुई।
पुलिस का यह बयान कॉजपा नेता आशुतोष रांका द्वारा बांकुरा के इंदास का दौरा करने और शेख मोहम्मद मफीक की मौत में कथित रूप से शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी की मांग करने के एक दिन बाद आया है। मृतक के बेटे शेख अब्दुल हाफिज कॉजपा से जुड़े हैं।
सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में पश्चिम बंगाल पुलिस ने कहा कि इंदास में 13 अगस्त को हुई घटना के बारे में सोशल मीडिया पर 'भ्रामक जानकारियां फैलाई जा रही हैं' और पुलिस ने इस मामले से जुड़े तथ्यों को सामने रखा।
पुलिस के अनुसार, 13 अगस्त की रात को 'बदमाशों के एक समूह ने शेख अब्दुल हाफिज उर्फ रिक के इंदास, बांकुरा स्थित आवास पर कथित तौर पर उन्हें घेर लिया। यह हमला सुबह करिसुंडा पश्चिमपारा प्राथमिक विद्यालय में सुविधाओं के बारे में जानकारी लेने के लिए उनके जाने को लेकर हुआ था।
पुलिस ने कहा कि इस घटना के दौरान रिक के पिता शेख मोहम्मद मफीक को मामूली चोट आई, जिसके लिए एक टांका लगाने की आवश्यकता पड़ी।
बयान में कहा गया कि 15 अगस्त की सुबह मफीक ''रक्तचाप में भारी उतार-चढ़ाव का अनुभव करने के बाद खुद बर्दवान मेडिकल कॉलेज में भर्ती हुए थे।''
पुलिस ने कहा कि इलाज करने वाले चिकित्सकों को कोई गंभीर या जानलेवा चोट नहीं मिली। पुलिस ने आगे बताया कि उसी रात मफीक की मृत्यु हो गई।
उनकी मृत्यु के बाद, इंटरनेट पर यह निराधार और झूठे दावे प्रसारित होने लगे कि उनकी मृत्यु क्रूरतापूर्ण शारीरिक हमले के कारण हुई है।
इसके बाद बांकुरा पुलिस ने जांच शुरू की और प्राथमिकी पर कार्रवाई करते हुए आठ लोगों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें से तीन के नाम शुरुआती शिकायत में थे और पांच अतिरिक्त संदिग्ध हैं।
पुलिस ने कहा, ‘‘इन सभी को आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।’’
पुलिस ने बताया कि फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस का अभियान जारी है। बयान के अनुसार, हाफिज के घर पर एक पुलिस गार्ड भी तैनात किया गया है।
पुलिस ने लोगों से भ्रामक जानकारी न फैलाने और जांच को आगे बढ़ने देने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अफवाह फैलाने वालों से कानून के मुताबिक सख्ती से निपटा जाएगा।
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