नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने मंगलवार को दावा किया कि कई आईआईटी निदेशकों को अमेरिका में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत के साथ संवाद के मकसद से पूर्व छात्रों से संपर्क करने के काम में लगाया गया है जो ‘‘पूरी तरह अस्वीकार्य’’ है।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कई आईआईटी निदेशकों को, जो अपने आप में प्रतिष्ठित पेशेवर हैं, इस महीने के अंत में जब मोहन भागवत अमेरिका में होंगे, तब उनसे बातचीत के लिए पूर्व छात्रों से संपर्क करने के काम में लगाया गया है। यह पूरी तरह अस्वीकार्य है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘पूर्व छात्रों से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों और सांसदों के साथ बातचीत करने के लिए कहना एक अलग बात है। लेकिन आरएसएस प्रमुख के साथ बातचीत के लिए कहना?’’
कांग्रेस महासचिव ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) निदेशकों को इस तरह की पहल के लिए किसने और किस स्तर पर कहा है।
इस दावे पर फिलहाल आरएसएस की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।
भागवत प्रवासी भारतीयों के संगठनों के निमंत्रण पर 25 अगस्त को अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन की यात्रा पर जाएंगे।
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने बीते 11 अगस्त को ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया था कि भागवत 25 अगस्त से विदेश यात्रा शुरू करेंगे तथा इस दौरान वह अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन जाएंगे।
आंबेकर ने कहा था कि तीन देशों की यह यात्रा वहां के स्थानीय संगठनों के निमंत्रण पर हो रही है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह महज एक संयोग है कि यात्रा आरएसएस की स्थापना के शताब्दी वर्ष में हो रही है।
भाषा हक वैभव
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