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सावरकर के प्रपौत्र ने गोडसे को आरएसएस कार्यकर्ता बताया, कांग्रेस ने संघ से मांगा स्पष्टीकरण

(शीर्षक, इंट्रो में सुधार के साथ)

मुंबई, 18 अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने वीडी सावरकर के प्रपौत्र सात्यकि सावरकर द्वारा अदालत में दिए गए एक बयान को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से स्पष्टीकरण मांगा, जिसमें उन्होंने कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या करने वाला नाथूराम गोडसे आरएसएस का सदस्य था।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि की शिकायत पर सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के एक सवाल के जवाब में सात्यकि सावरकर ने कहा था कि उनके नाना नाथूराम गोडसे और उनके भाई गोपाल गोडसे आरएसएस के ‘‘सक्रिय कार्यकर्ता’’ थे।

महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि जनवरी 1948 में महात्मा गांधी की हत्या के बाद से आरएसएस लगातार यह कहता रहा है कि गोडसे बंधुओं का संगठन से कोई संबंध नहीं था।

सावंत ने कहा, ‘‘अब इस खुलासे के बाद आरएसएस को जवाब देना चाहिए। क्या आरएसएस ने लोगों से झूठ बोला था? उसे जवाब देना चाहिए।’’

उन्होंने 11 सितंबर, 1948 को तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा आरएसएस प्रमुख एम एस गोलवलकर को लिखे पत्र का भी हवाला दिया।

सावंत ने कहा कि पटेल ने पत्र में लिखा था कि गांधी की हत्या के बाद आरएसएस के सदस्यों ने ‘‘खुशी जाहिर की और मिठाइयां बांटीं’’, जिसके बाद संगठन के खिलाफ विरोध बढ़ गया था।

सात्यकि सावरकर ने स्वतंत्रता सेनानी और हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर को बदनाम करने के आरोप में राहुल गांधी के खिलाफ अदालत में शिकायत दायर की थी।

सोमवार को जिरह के दौरान गांधी के वकील मिलिंद पवार ने पूछा कि क्या गोडसे बंधु आरएसएस के सक्रिय कार्यकर्ता थे। सात्यकि ने जवाब दिया, ‘‘यह सही है कि मेरे नाना गोपाल गोडसे और नाथूराम गोडसे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सक्रिय कार्यकर्ता थे।’’

उन्होंने कहा कि नाथूराम गोडसे हिंदू महासभा के भी कार्यकर्ता थे।

हालांकि, सात्यकि सावरकर ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि गोपाल गोडसे ने 28 जनवरी, 1994 को ‘फ्रंटलाइन’ पत्रिका को कोई साक्षात्कार दिया था या नहीं और क्या नाथूराम गोडसे 1944 में आरएसएस के ‘‘बौद्धिक कार्यवाह’’ के रूप में काम कर रहे थे।

सात्यकि के वकील अधिवक्ता संग्राम कोल्हटकर ने आरएसएस और गांधी की हत्या से जुड़े सवालों पर आपत्ति जताई।

उन्होंने कहा कि इन सवालों का मामले से कोई संबंध नहीं है।

सात्यकि सावरकर ने 2023 में मजिस्ट्रेट के समक्ष शिकायत दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि राहुल गांधी ने लंदन में एक भाषण में दावा किया था कि वी डी सावरकर ने एक किताब में लिखा था कि उन्होंने और उनके दोस्तों ने एक बार एक मुस्लिम व्यक्ति की पिटाई की थी और इससे सावरकर को खुशी हुई थी।

शिकायत में कहा गया है कि वी डी सावरकर ने ऐसी कोई बात कभी नहीं लिखी थी।

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश

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