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उप्र: सिद्धार्थनगर में मदरसे पर चला बुलडोजर

सिद्धार्थनगर, 18 अगस्त (भाषा) उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में सरकारी भूमि पर कथित तौर पर बने एक मदरसे को प्रशासन ने मंगलवार को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

वहीं मदरसा प्रबंधन ने कार्रवाई का विरोध करते हुए दावा किया कि भूमि संबंधी मामला चकबंदी अदालत में लंबित है और जांच के निर्देश के बावजूद प्रशासन ने बिना नोटिस दिए इमारत ढहा दी।

प्रशासन का कहना है कि डुमरियागंज तहसीलदार न्यायालय ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद संबंधित भूमि से ‘‘अवैध कब्जा’’ हटाने का आदेश दिया गया था, जिसके अनुपालन में यह कार्रवाई की गई।

पुलिस के मुताबिक, डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में ‘अरबिया जियाउल उलूम’ मदरसे की इमारत को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया।

कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद थे। ग्रामीणों के अनुसार, मदरसा ध्वस्त किए जाने की सूचना मिलने पर समाजवादी पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे।

इस दौरान उनकी प्रशासनिक अधिकारियों से तीखी नोकझोंक हुई, हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।

मदरसे के व्यवस्थापक और ग्राम प्रधान इरशाद अहमद ने बताया कि ‘अरबिया जियाउल उलूम’ का निर्माण 1968 में हुआ था और इसमें करीब 350 बच्चे पढ़ रहे थे। अहमद ने दावा किया कि मदरसे की भूमि को लेकर चकबंदी अदालत में मामला लंबित है।

उन्होंने कहा कि बस्ती मंडल के आयुक्त ने उप जिलाधिकारी और चकबंदी विभाग को मामले की जांच के निर्देश भी दिए थे।

अहमद ने आरोप लगाया कि मामला लंबित होने और जांच के निर्देश के बावजूद प्रशासन ने मंगलवार तड़के करीब साढ़े चार बजे मदरसे को ध्वस्त कर दिया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले प्रशासन ने मदरसा प्रबंधन को कोई सूचना नहीं दी।

उप जिलाधिकारी विवेकानंद मिश्रा ने बताया कि डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के पिपरा रामलाल गांव में सरकारी भूमि की गाटा संख्या 1028 और 1029 पर मदरसा तथा मस्जिद का निर्माण कथित रूप से कब्जा कर कराया गया था।

उन्होंने बताया कि मामले में डुमरियागंज तहसीलदार अदालत ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद संबंधित भूमि से अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया था और इसी आदेश के अनुपालन में मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

मिश्रा ने बताया कि दोनों गाटा संख्या की भूमि पर किए गए सभी अवैध निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि मौके पर फिलहाल शांति व्यवस्था कायम है।

भाषा सं. सलीम जितेंद्र

जितेंद्र