नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने सोमवार को कनॉट प्लेस में तिरंगा यात्रा निकाली, जिसमें लगभग 6,000 छात्र, कर्मचारी और नागरिक शामिल हुए। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में जनपथ रेडियल से यात्रा को रवाना किया। लोगों ने तिरंगे के साथ मार्च किया और देशभक्ति के नारे लगाए। यह 'हर घर तिरंगा' अभियान का हिस्सा है।
गुप्ता ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल राष्ट्रीय ध्वज के साथ एक मार्च नहीं है, बल्कि देशभक्ति की सामूहिक अभिव्यक्ति और 'विकसित भारत' के निर्माण में योगदान देने का संकल्प है।
गुप्ता ने कहा, “दिल्ली स्वतंत्रता संग्राम के अनेक निर्णायक अध्यायों का केंद्र रही है और स्वतंत्र भारत की विकास यात्रा की साक्षी भी। आज उसी दिल्ली की नई पीढ़ी तिरंगा थामे, राष्ट्रगौरव के उसी भाव को आगे बढ़ाती हुई कदम से कदम मिलाकर चली।”
उन्होंने कहा कि युवाओं के हाथों में शान से लहराता तिरंगा और एक साथ गूंजता ‘वंदे मातरम्’ ऐसा दृश्य था, जिसने असंख्य वीरों के त्याग, बलिदान और देश के लिए उनके समर्पण को “हम सभी के हृदय में फिर जीवंत कर दिया।”
बयान में कहा गया है कि एनडीएमसी के अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, परिषद के सदस्यों के साथ-साथ स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों, अभिभावकों, कर्मचारियों, निवास कल्याण संघों, बाजार संघों के प्रतिनिधियों एवं विभिन्न क्षेत्रों के लोगों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।
गुप्ता ने कहा कि बच्चों और युवाओं की भागीदारी देश की 'नई ऊर्जा और ताकत' को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विकसित भारत के निर्माण के लिए सरकारी प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों के योगदान की भी आवश्यकता होगी।
उन्होंने शिक्षा, नवाचार, प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत के विकास को तभी अधिक गति मिल सकती है जब इसके युवा राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान नागरिकों तक राष्ट्रीय एकता का संदेश पहुंचाने में मदद कर रहा है और यह 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण से जुड़ा हुआ है।
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