Breaking News

लखनऊ में आज UP टेक्निकल एजुकेशन परीक्षा, 52 केंद्रों पर दो शिफ्ट में होगा एग्जाम     |   नेपाल बाढ़ में जान गंवाने वालों का आंकड़ा 1369 पहुंचा     |   CM योगी आज चित्रकूट दौरे पर जाएंगे, 800 बाढ़ प्रभावित परिवारों को देंगे राहत सामग्री     |   झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार का निधन, हार्ट अटैक से गई जान     |   ग्रीस में एयर शो के दौरान F-4 फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त, 2 लोगों की मौत     |  

सरकार ने जनगणना की प्रश्नावली में ओबीसी को गायब किया, साजिश सफल नहीं होगी: कांग्रेस

नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) कांग्रेस ने सोमवार को आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने देश में शुरू हुई जनगणना की प्रश्नावली में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की गणना को गायब कर दिया है, क्योंकि ओबीसी वर्ग के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं किया गया है और प्रश्नावली में केवल ‘‘जाति’’ शब्द का उल्लेख किया गया है।

पार्टी के ओबीसी विभाग के प्रमुख अनिल जयहिंद ने संवाददाताओं से बातचीत में यह भी कहा कि ओबीसी समुदाय, सरकार की इस साजिश को कामयाब नहीं होने देगा।

उन्होंने कहा, ‘‘ओबीसी संवैधानिक आधार पर निर्धारित वर्ग है, लेकिन नरेन्द्र मोदी सरकार ने इसे जनगणना से गायब कर दिया है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में पहुंचाने में ओबीसी समुदाय की बड़ी भूमिका रही है, लेकिन ‘‘उसी ओबीसी समाज को नरेन्द्र मोदी मूर्ख बना रहे हैं।’’

जयहिंद ने तेलंगाना में कांग्रेस द्वारा कराए गए जाति सर्वेक्षण का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां सामाजिक-आर्थिक, शैक्षणिक, रोजगार, राजनीतिक और जाति संबंधी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत सर्वेक्षण किया गया।

उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण से पहले संबंधित पक्षों से बातचीत की गई और इन सभी पहलुओं से जुड़े 54 सवालों वाली प्रश्नावली तैयार की गई थी।

जयहिंद ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के लोगों को न्याय दिलाने के लिए देश के भूमिहीन ओबीसी वर्ग की सही संख्या का पता लगाना जरूरी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछड़ा वर्ग के उप-वर्गीकरण से संबंधित रोहिणी आयोग की सिफारिशों को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।

उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि सरकार ‘‘कुछ भी कर ले’’, लेकिन सही जातिगत जनगणना को रोका नहीं जा सकता।’’

केंद्र ने पिछले सप्ताह जनगणना के तहत उत्तरदाताओं से पूछे जाने वाले 40 सवालों को अधिसूचित किया। इनमें जाति और कोविड टीकाकरण की जगह से संबंधित सवाल भी शामिल हैं।

इस महीने की शुरुआत में जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फ से ढके क्षेत्रों में जनगणना एक से 30 सितंबर तक होगी।

भाषा हक दिलीप

दिलीप