शीर्ष अदालत ने केंद्र से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि क्या ‘शांति’ अधिनियम के तहत नियामक इकाई में सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया में हितों का टकराव है।
भाषा नेत्रपाल मनीषा
मनीषा
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