नयी दिल्ली, 16 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी दल तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के सांसद तेन्नेटि कृष्ण प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘‘दिमागी नक्सली’’ वाली टिप्पणी का रविवार को समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ‘‘बौद्धिक नक्सलवाद’’ का एक नया रूप सामने आया है, जो देश और युवाओं के लिए खतरा पैदा कर रहा है।
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी प्रसाद ने वीडियो बयान में कहा, ‘‘जंगलों में सक्रिय नक्सलियों और माओवादियों को हटा दिया गया है, अब यह नया रूप सामने आया है। इसलिए हमें बेहद सतर्क रहना होगा और अपने देश, खासकर युवाओं की रक्षा करनी होगी।’’
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में ‘‘दिमागी नक्सली’’ का जिक्र किया था। उन्होंने ऐसे लोगों के खिलाफ चेताया था, जो हिंसा को बढ़ावा देने के मौके की तलाश में रहते हैं।
प्रसाद ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी का परोक्ष रूप से जिक्र करते हुए कहा, ‘‘आज जंगलों में सक्रिय नक्सली खत्म हो गए हैं और एक नया रूप सामने आया है। मैं उन्हें ‘बौद्धिक नक्सली’ कहता हूं। वे जंगलों में नहीं, बल्कि शहरों में सक्रिय हैं। वे वातानुकूलित सभागारों में गोष्ठियां आयोजित करते हैं।’’
तेदेपा सांसद ने बिना किसी का नाम लिए कहा, ‘‘वे विदेशों से पैसा लेते हैं और हमारे देश को बर्बाद करने का काम करते हैं। इस तथाकथित बौद्धिक नक्सलवाद को चलाने वाले लोग हमारे देश में रहते हैं, लेकिन बार-बार विदेश जाते हैं, वहां गोष्ठियां करते हैं और बाहर से पैसा लाते हैं।’’
प्रसाद ने कहा कि उन्होंने 35 वर्षों तक आईपीएस अधिकारी के रूप में सेवा की और इस दौरान तेलंगाना तथा आंध्र प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी। प्रसाद ने कहा कि उस दौरान उन्होंने चरमपंथी वामपंथी विचारधारा के युवाओं के जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को देखा।
प्रसाद ने कहा, ‘‘ये जंगलों में सक्रिय नक्सली थे, जो हथियार रखते थे और बंदूक के बल पर युवाओं को जंगलों में ले जाकर वहां रखते थे। उन्होंने उन युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया।’’
नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति और उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह ने भी मोदी की चेतावनी का समर्थन किया। सिंह ने कहा कि ‘‘दिमागी नक्सलियों’’ की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करना और उनके बारे में पुलिस को सूचित करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
सिंह ने एक वीडियो बयान में कहा, ‘‘देशभर में पुलिस बलों और अर्द्धसैन्य बलों ने हथियारबंद नक्सलवाद को खत्म करने में अतुलनीय योगदान दिया है। हालांकि, प्रधानमंत्री ने देश को आगाह किया है कि ‘दिमागी नक्सली’, जिन्हें कुछ लोग ‘शहरी नक्सली’ भी कहते हैं, अब भी सक्रिय हैं। उनकी पहचान करना, उन्हें अलग-थलग करना और निष्क्रिय करना हर नागरिक का कर्तव्य है।’’
सिंह ने ‘‘शहरी नक्सलियों’’ को ‘‘सॉफ्टवेयर’’ बताया और कहा कि हथियारबंद नक्सली उनके ‘‘हार्डवेयर’’ हैं।
भाषा आशीष संतोष
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