जयपुर, 16 अगस्त (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस पवित्र गीत का इस्तेमाल समाज और देश को बांटने के लिए कर रही है।
गहलोत ने अपने आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही। भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गायन पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, कांग्रेस ने इस आरोप से इनकार किया है।
गहलोत ने कहा, ‘‘वंदे मातरम् पर कुछ भी बोलने का आरएसएस और भाजपा को कोई नैतिक अधिकार नहीं है। देश की आजादी की लड़ाई में इनका कोई योगदान नहीं रहा है। आजादी से पहले इन्होंने अंग्रेजों के डर से कभी वंदे मातरम् तक नहीं गाया।’’
उन्होंने पलटवार करते हुए आरोप लगाया, ‘‘जो वंदे मातरम् देशवासियों को एकजुट करने और स्वतंत्रता संग्राम का सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत रहा है, आज भाजपा उसी पवित्र गीत का इस्तेमाल समाज और देश को बांटने और तोड़ने के लिए कर रही है।’’
गहलोत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कांग्रेस के खिलाफ दिए गए बयानों पर भी पलटवार किया और सवाल किया कि राजस्थान के अपने दौरों के दौरान शाह ने 2022 के उदयपुर कन्हैयालाल हत्याकांड की जांच की स्थिति के बारे में बात क्यों नहीं की।
गहलोत ने कहा कि शाह राजस्थान, खासकर मेवाड़ क्षेत्र का कई बार दौरा कर चुके हैं, लेकिन उन्होंने कभी कन्हैयालाल हत्याकांड या राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की जांच की प्रगति का उल्लेख नहीं किया।
उदयपुर में 2022 में दर्जी कन्हैयालाल की उसकी दुकान के भीतर दो लोगों ने कथित तौर पर धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। आरोप था कि कन्हैयालाल ने इस्लाम का अपमान किया था।
गहलोत ने कहा, ‘‘यह मामला केंद्रीय गृह मंत्री के अधीन आने वाली एनआईए के पास है। उन्होंने कभी इस बात पर चर्चा नहीं की कि मामले में क्या हुआ है।’’
उनकी यह टिप्पणी शाह के रविवार को चित्तौड़गढ़ दौरे के दौरान कांग्रेस पर किए गए हमले के बाद आई। शाह ने अपने संबोधन में कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के गायन से जुड़ी कथित घटना को लेकर कांग्रेस की आलोचना की थी।
गहलोत ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर ‘‘घबराहट’’ में काम करने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि सरकार अपनी संभावित हार से डरकर प्रशासनिक तंत्र, जिला कलेक्टरों और जिला पुलिस अधीक्षकों पर भाजपा के पक्ष में काम करने का अनुचित दबाव बना रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था, मंत्रियों के धरने, लोहावट हत्याकांड और आम जनता की समस्याओं के प्रति सरकार की कथित असंवेदनशीलता पर भी निशाना साधा।
गहलोत ने कहा कि राज्य में स्थिति इस हद तक ‘‘हास्यास्पद और चिंताजनक’’ हो गई है कि भाजपा सरकार के अपने मंत्री को जिलाधिकारी और आयुक्त के खिलाफ छह घंटे धरने पर बैठना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक इतिहास में ऐसा दृश्य न तो पहले कभी देखा गया और न ही सुना गया।
भाषा
पृथ्वी रवि कांत