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वाजपेयी ‘अजातशत्रु’ थे, सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया : अमित शाह

जयपुर, 16 अगस्त (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को ‘अजातशत्रु’ बताते हुए रविवार को कहा कि उनका कोई दुश्मन नहीं था और उन्होंने (वाजपेयी) अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।

शाह ने वाजपेयी की पुण्यतिथि पर चित्तौड़गढ़ के निम्बाहेड़ा में उनकी 21 फुट ऊंची प्रतिमा का अनावरण करने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही।

शाह ने कहा, ‘‘अटल बिहारी वाजपेयी 40 साल तक विपक्ष में रहे, लेकिन उनकी सोच राष्ट्रवाद और राष्ट्र प्रथम की रही और उनका पूरा जीवन इन्हीं विचारों से संचालित रहा। उन्होंने अपना जीवन अपने सिद्धांतों के अनुसार जिया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वाजपेयी जेल गए, लाठियां खाईं और कांग्रेस के अत्याचार सहे, लेकिन अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया।’’

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद वाजपेयी देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने और उन्होंने कई बड़े फैसले लिए।

शाह ने कहा, ‘‘दुनिया के दबाव के बावजूद उन्होंने पोखरण परीक्षणों के माध्यम से भारत को परमाणु शक्ति बनाया।’’

शाह ने कहा कि वाजपेयी ने हर गांव को सड़कों से जोड़ने के लिए भी काम किया।

उन्होंने कहा कि वाजपेयी जब पत्रकार थे तो उन्होंने अपनी कलम के माध्यम से राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाया, कवि के रूप में अपनी रचनाओं से देशभक्ति को बढ़ावा दिया और प्रधानमंत्री के रूप में राष्ट्रीय सुरक्षा तथा सुशासन को प्राथमिकता दी।

शाह ने कहा कि वाजपेयी ने स्वर्ण चतुर्भुज परियोजना शुरू की, राष्ट्रीय राजमार्गों के नेटवर्क का विस्तार किया और अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण पहल कीं।

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री को जनजातीय विकास के लिए अलग मंत्रालय स्थापित करने का श्रेय भी दिया। शाह ने कहा कि इससे पहले जनजातीय समुदायों के कल्याण के लिए कोई अलग मंत्रालय नहीं था।

शाह ने कहा, ‘‘अटल जी ने जो शुरुआत की थी, उसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरा किया है।’’

उन्होंने यह बात जनजातीय कल्याण के लिए केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के संदर्भ में कही।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय से आने वालीं द्रौपदी मुर्मू का भारत का राष्ट्रपति चुना जाना इस दिशा में हुई प्रगति का प्रमाण है।

शाह ने कहा, ‘‘न तो उन्होंने (वाजपेयी) सत्ता में रहते हुए अपने सिद्धांत छोड़े और न ही विपक्ष में रहते हुए। इसलिए उन्हें ‘अजातशत्रु’ कहा जाता है-एक ऐसे महान व्यक्ति के रूप में, जिसका कोई दुश्मन नहीं था।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार जनजातीय कल्याण को प्राथमिकता दी है।

शाह ने कहा, ‘‘अनुसूचित जनजाति (एसटी) घटक के बजट को केवल 25 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.25 लाख करोड़ रुपये किया गया। भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की शुरुआत की गई। मोदी ने छत्तीसगढ़, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में जनजातीय नेताओं को मुख्यमंत्री बनाया।’’

शाह ने जनजातीय कल्याण के लिए उठाए गए अन्य कदमों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, ‘‘जब प्रधानमंत्री मोदी ने राजस्थान में ‘हर घर नल से जल’ योजना शुरू की, तब राज्य में केवल 11 लाख घरों तक पानी पहुंच रहा था। 70 साल में 11 लाख घरों तक पानी पहुंचाया गया, जबकि मोदी सरकार ने 64 लाख घरों तक पानी पहुंचाया है।’’

शाह ने कहा कि राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने वादों को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘राजस्थान पहले पानी की कमी के लिए जाना जाता था। मुख्यमंत्री शर्मा ने तीन बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर कर राज्य के आधे हिस्से की प्यास बुझाने की दिशा में कदम उठाए हैं।’’

उन्होंने कहा कि ‘राइजिंग राजस्थान’ कार्यक्रम में 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए और 36 नई नीतियां तैयार की गईं।

शाह ने कहा कि रोजगार मेलों के माध्यम से 1.78 लाख लोगों को रोजगार दिया गया है।

उन्होंने बताया कि वाजपेयी की 21 फुट ऊंची प्रतिमा को 1.5 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि आज चित्तौड़गढ़ के समारोह में 15 जिलों में 5,755 करोड़ रुपये की लागत वाली 944 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया और राज्य सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित किया।

भाषा

पृथ्वी रवि कांत