तिरुवनंतपुरम, 16 अगस्त (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की केरल इकाई के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने रविवार को आरोप लगाया कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य सरकार के समारोहों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाने का फैसला “जानबूझकर” किया।
उन्होंने इसके “राजनीतिक और कानूनी परिणाम” भुगतने की चेतावनी देते हुए कहा, “हम इसे इस तरह जाने नहीं दे सकते।”
चंद्रशेखर ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस शासित कर्नाटक, तेलंगाना तथा हिमाचल प्रदेश में ‘वंदे मातरम्’ गाया गया, लेकिन केरल में ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और जमात-ए-इस्लामी के वी. डी. सतीशन सरकार पर “नियंत्रण” के कारण हुआ।
भाजपा नेता ने एक दिन पहले नयी दिल्ली में कांग्रेस द्वारा आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ के पूर्ण गायन का विरोध करने के लिए सोनिया गांधी की आलोचना की।
नेमम से भाजपा विधायक चंद्रशेखर ने कहा कि वहां जो हुआ, उसे बयां करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, “जिस महिला को इस देश ने स्वीकार किया, जब वही ‘वंदे मातरम्’ के गायन को रोकने की कोशिश करती हैं, तो इससे पता चलता है कि उनकी राजनीति, उनके हित और उनका मकसद क्या है। हमें इसे समझने की जरूरत है। वे (कांग्रेस) राजनीतिक लाभ के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं।”
चंद्रशेखर ने राज्य सरकार के स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ नहीं गाने के फैसले पर कहा कि सतीशन ने संविधान और कानून के शासन को बनाए रखने की शपथ ली है।
उन्होंने कहा, “हालांकि, राज्य सरकार ने ऐसा नहीं किया। सरकार ने संविधान और कानून के शासन का उल्लंघन किया है। सरकार ने राष्ट्रगीत नहीं गाने का परिपत्र जारी किया। सरकार द्वारा जानबूझकर किए गए इस उल्लंघन के परिणाम भुगतने होंगे। ये कानूनी, राजनीतिक या दोनों तरह के हो सकते हैं।”
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि यह फैसला यूडीएफ सरकार पर आईयूएमएल और जमात-ए-इस्लामी के नियंत्रण के चलते लिया गया है।
चंद्रशेखर ने दावा किया कि दोनों मुस्लिम संगठन मोहम्मद अली जिन्ना की तर्ज पर राज्य में विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा और पार्टी का युवा मोर्चा इसका कड़ा विरोध करेगा।
भाषा जितेंद्र दिलीप
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