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भारत . पाक मैच में रैंकिंग नहीं, उस दिन का प्रदर्शन मायने रखता है: पाकिस्तान हॉकी कप्तान अबु बकर

(मोना पार्थसारथी)

एम्सटेलवीन , 16 अगस्त (भाषा ) पिछले एक दशक से अधिक समय से पाकिस्तान हॉकी टीम भारत को हरा नहीं सकी है लेकिन कप्तान अबु बकर महमूद को एफआईएच विश्व कप में इस सिलसिले को तोड़ने का यकीन है और उनका मानना है कि चिर प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले में रैंकिंग नहीं बल्कि उस दिन का खेल मायने रखता है ।

भारत को पाकिस्तान का सामना एफआईएच विश्व कप में 19 अगस्त को होना है । भारत ने पहले मैच में वेल्स को 3 -1 से हराया जबकि पाकिस्तान को इंग्लैंड से 1-4 से हार का सामना करना पड़ा।

महमूद ने भाषा को दिये विशेष इंटरव्यू में कहा ,‘‘ मुझे यह कहने में कोई हिचकिचाहट नहीं कि भारतीय टीम रैंकिंग में हमसे बहुत बेहतर है लेकिन भारत . पाकिस्तान मैच में रैकिंग मायने नहीं रखती । उस दिन का प्रदर्शन अहम होता है । मैच के दिन ही तय होगा कि कौन सी टीम अच्छा खेल रही है और जीतेगी ।’’

पाकिस्तान सीनियर पुरूष हॉकी टीम ने आखिरी बार भारत को जून 2016 में लंदन में चैम्पियंस ट्रॉफी में 4-3 से हराया था । भारत ने हाल ही में एफआईएच प्रो लीग के लंदन चरण में पाकिस्तान को 4-3 और 7-1 से शिकस्त दी ।

प्रो लीग के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कप्तान बने महमूद ने कहा ,‘‘ भारतीय टीम एशिया की वह टीम है जिसने लगातार दो ओलंपिक में पदक जीते हैं । यह एशियाई हॉकी के लिये अच्छी बात है और हम उसे विश्व कप के लिये शुभकामना देते हैं लेकिन हम भी इस बार पूरी तैयारी से आये हैं ।’’

पाकिस्तान आठ साल बाद विश्व कप में वापसी कर रहा है लेकिन इससे ठीक पहले प्रो लीग में सारे मैच हारकर आखिरी नौवे स्थान पर रहा था । पाकिस्तानी कप्तान ने कहा कि प्रो लीग में उनका लक्ष्य खिताब जीतना नहीं बल्कि सीखना था और यह विश्व कप में नजर आयेगा कि उन्होंने क्या सीखा है ।

विश्व कप के लिये टीम की रवानगी से ठीक पहले पाकिस्तान के डच कोच हरमान क्रूस स्वदेश लौट आये थे और गोलकीपिंग कोच बॉब योहान वेल्डोफ को जिम्मेदारी सौंपी गई । टीम पर इसका कितना असर पड़ा है, यह पूछने पर महमूद ने कहा ,‘‘ कोचिंग स्टाफ में अदनान जाकिर, बॉब और सहयोगी स्टाफ ने पिछले एक महीने में काफी मेहनत की है । इससे टीम पर सकारात्मक असर पड़ा है और नतीजे दिखने लगे हैं । हमें हर दिन सरप्राइज करना और अच्छा प्रदर्शन दिखाना है । हमारा लक्ष्य एशियाई खेल है लेकिन विश्व कप में अंतिम आठ में जगह बनाना चाहेंगे ।’’

महान ड्रैग फ्लिकर सोहेल अब्बास को अपना आदर्श मानने वाले 28 साल के इस खिलाड़ी ने कहा ,‘‘विश्व कप और ओलंपिक हॉकी के सबसे बड़े टूर्नामेंट है और अगर आप ये दो टूर्नामेंट नहीं खेल रहे तो विश्व हॉकी में भागीदारी नहीं कर रहे । यह हमारी खुशकिस्मती या कड़ी मेहनत है कि हम आठ साल बाद विश्व कप फिर खेल रहे हैं ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ प्रो लीग से पहले हम विश्व रैंकिंग में 14 वें नंबर पर थे और अभी 12वें नंबर पर हैं । हमने प्रो लीग में दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ खेला है और बहुत कुछ सीखा है । प्रो लीग के पहले दो चरण के बाद हमने विश्व कप क्वालीफायर खेला और फाइनल तक पहुंचकर विश्व कप में जगह बनाई । आखिरी दो चरण में भी हमने कुछ नये प्रयोग किये । हम प्रो लीग में सीखने गए थे, खिताब जीतने नहीं क्योंकि काफी समय से हमने बड़ी टीमों के खिलाफ अच्छे मैच नहीं खेले थे । अब विश्व कप में प्रदर्शन में नजर आयेगा कि हमने कितना कुछ सीखा है ।’’

विश्व कप क्वालीफायर के फाइनल में पाकिस्तान को इंग्लैंड ने 4-1से हराया था ।

पाकिस्तानी टीम में सिर्फ महमूद और पूर्व कप्तान अम्माद बट ही दो खिलाड़ी हैं जिन्हें 2018 विश्व कप खेलने का अनुभव है लेकिन उन्होंने कहा कि इस टीम को संभालने की चुनौती का सामना करने के लिये वह तैयार हैं ।

उन्होंने कहा ,‘‘ पाकिस्तान की इस टीम का कोर ग्रुप पिछले दो तीन साल से यही है , एक दो खिलाड़ी भीतर बाहर होते रहते हैं । चार पांच खिलाड़ी ऐसे हैं जिनके सौ मैच होने वाले हैं । अनुभव की कमी नहीं है , दो लड़के पहली बार विश्व कप खेलेंगे लेकिन उनकी प्रतिभा को देखकर ही विदेशी कोचों ने उन्हें चुना है । ’’

कप्तानी के बारे में उन्होंने कहा ,‘‘मुझ पर जिम्मेदारी है लेकिन मुझे चुनौतियां पसंद है और उम्मीद है कि मेरे और मेरी टीम के लिये टूर्नामेंट अच्छा होगा । भारत में 2018 विश्व कप में 19 साल का था और सबसे कम उम्र का खिलाड़ी था । मैने बहुत कुछ सीखा था जो अभी भी मेरे जेहन में है । हमारी टीम के सीनियर खिलाड़ियों , ओलंपियनों से जो कुछ सीखा था वह अब अपनी टीम के युवा खिलाड़ियों से बांटना चाहूंगा ।’’

महमूद ने यह भी कहा कि विश्व कप में चार खिताब जीतकर सबसे सफल टीम रही पाकिस्तान की विरासत को वह आगे बढाना चाहते हैं ।

उन्होंने कहा ,‘‘ हम उस विरासत को जारी रखना चाहते हैं ताकि यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के पास ही रहे । हर खिलाड़ी अपनी टीम को शीर्ष पर देखना चाहता है ।’’

भाषा मोना पंत

पंत