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जूली ने किया ‘जेन-जेड’ से संवाद, कहा-व्यवस्था में कमियों से छात्रों को न हो नुकसान

जयपुर, 15 अगस्त (भाषा) राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर यहां युवाओं (जेन-जेड) से शिक्षा, बेरोजगारी, कृत्रिम बुद्धिमता, राजनीतिक भागीदारी, बुनियादी ढांचे व भ्रष्टाचार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

जूली ने कहा कि जेन-जेड की कुछ चिंताओं को 20 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान उठाया जाएगा।

यहां गांधी वाटिका में इस संवाद का आयोजन 'पीपुल फॉर डेमोक्रेसी' ने किया। कार्यक्रम स्थल की पृष्ठभूमि में महात्मा गांधी की प्रतिमा लगी थी जिसमें एक बच्चा उनकी लाठी पकड़े हुए उन्हें आगे ले जा रहा था।

जूली ने कहा कि महात्मा गांधी ने युवा पीढ़ी को रास्ता दिखाया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और कांग्रेस भी इसी तरह युवाओं को सबसे आगे रखेगी।

जूली ने कहा, 'गांधी का जीवन और दर्शन युवा पीढ़ी के लिए बहुत प्रासंगिक है। युवाओं को उनके मूल्यों से प्रेरणा लेने की जरूरत है।'

इस कार्यक्रम में अलग-अलग विषयों की पढ़ाई कर रहे लगभग 50 छात्रों ने भाग लिया। उन्होंने शिक्षा प्रणाली, रोजगार, बुनियादी ढांचे और भ्रष्टाचार आदि से जुड़े सवाल पूछे।

रामगंज की रहने वाली और मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' की तैयारी कर रही आयशा ने पेपर लीक का मुद्दा उठाया और पूछा कि वह छात्रों को क्या आश्वासन दे सकते हैं।

इसपर जूली ने कहा कि वह विधानसभा में यह मुद्दा उठाएंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे कि परीक्षा प्रणाली त्रुटि रहित हो।

उन्होंने कहा, 'सिस्टम की कमियों की वजह से छात्रों को नुकसान नहीं होना चाहिए।'

एआई टूल तक पहुंच के बारे में जूली ने कहा कि कई एआई सेवाओं के लिए 'पेड सब्सक्रिप्शन' की जरूरत होती है जिसे हर छात्र नहीं खरीद सकता। उन्होंने कहा कि अगर राजस्थान में कांग्रेस सत्ता में लौटती है तो वह ऐसी सुविधाओं के लिए सरकारी मदद सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे।

जूली ने कहा कि छोटे व्यवसायों और कुटीर उद्योगों को अधिक बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि आर्थिक लाभ कुछ ही लोगों तक सीमित रहने के बजाय जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस बात के लिए प्रतिबद्ध हैं कि विकास का फ़ायदा आर्थिक ढांचे के निचले स्तर पर मौजूद लोगों तक पहुंचे।

बातचीत में स्कूलों के बुनियादी ढांचे का मुद्दा भी अहम रहा। एक युवा ने स्कूल की जर्जर इमारतों, शिक्षकों की कमी और अलग-अलग मुद्दों पर छात्रों के हालिया विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया।

इसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए जुली ने दावा किया कि राज्य में 45,000 से ज़्यादा स्कूलों को मरम्मत की ज़रूरत है और सरकार पर इस समस्या को हल न कर पाने का आरोप लगाया।

जब उनसे पूछा गया कि राहुल गांधी के 'जेन जेड' आउटरीच से प्रेरित युवा राजनीति में कैसे आ सकते हैं तो जूली ने कहा कि कांग्रेस युवाओं को आधे मौके देने पर विचार कर रही है। उन्होंने युवाओं को सार्वजनिक जीवन में आने के लिए प्रोत्साहित किया लेकिन उन्हें राजनीति को व्यापार न समझने की सलाह भी दी।

जुली ने कहा, 'राजनीति सेवा है। अगर आप इसे व्यापार समझकर राजनीति में आ रहे हैं, तो न आएं।' उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी नौकरी की सच्चाई भी बताई जानी चाहिए क्योंकि ऐसी नौकरियों की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों की संख्या उपलब्ध रिक्तियों से कहीं अधिक है।

एक सवाल के जवाब में जूली ने कहा कि बेंगलुरु की तर्ज पर जयपुर भी सूचना प्रौद्योगिकी और एआई हब के तौर पर उभर सकता है।

बातचीत की शुरुआत में कांग्रेस नेता ने आजादी की लड़ाई के दौरान दी गई कुर्बानियों को याद किया और कहा कि स्वतंत्रता के लिए लड़ने वालों ने यह नहीं सोचा था कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से इससे क्या फायदा होगा।

उन्होंने कहा कि कई देशों में गांधी की मूर्तियों का होना और दुनिया भर में उनकी विचारधारा को लगातार स्वीकार किया जाना भारत के लिए गर्व की बात है।

कांग्रेस नेता ने देश में कई बड़े बड़े संस्थानों और बुनियादी ढांचे की नींव रखने का श्रेय जवाहरलाल नेहरू को, बैंकों के राष्ट्रीयकरण का श्रेय इंदिरा गांधी को, आईटी क्रांति का श्रेय राजीव गांधी को और राजमार्गों व नदियों को जोड़ने की दूरदर्शी सोच का श्रेय अटल बिहारी वाजपेयी को दिया।

जूली ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने खासकर उस दौर में भारत की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई जब दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं भारी दबाव में थीं।

भाषा पृथ्वी शोभना

शोभना