बड़सर (हिमाचल प्रदेश), 15 अगस्त (भाषा) हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में 31 मार्च 2027 तक कोई भी सरकारी डॉक्टर सेवानिवृत्त नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के 20,000 रुपये तक के वेतन बकाए का भुगतान इसी महीने के अंत तक करने का भी ऐलान किया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने आशा कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन भत्ते में 1,000 रुपये की बढ़ोतरी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत अनुबंध पर कार्यरत स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, ऑपरेशन थिएटर सहायकों तथा लैब तकनीशियन के मानदेय को संशोधित कर 25,000 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की।
शनिवार को हमीरपुर जिले के बड़सर में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने 2032 तक हिमाचल प्रदेश को देश के सबसे समृद्ध राज्यों में से एक बनाने के अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने वित्तीय स्थिति में सुधार के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी और कहा कि वित्तीय तंगी तथा केंद्र द्वारा राजस्व घाटा अनुदान रोके जाने के बावजूद राज्य की अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर आ गई है।
यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राज्य पुलिस, महिला पुलिस, होम गार्ड तथा यातायात पुलिस की टुकड़ियों के मार्च पास्ट की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आनंद लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम श्रेणी और द्वितीय श्रेणी के पेंशनभोगियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों को अगस्त के दौरान उनके बकाए का 15 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा, जिस पर 281 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
भाषा सुमित शफीक
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