मांड्या (कर्नाटक), 15 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के मंत्री एन. चलुवरायस्वामी ने शनिवार को उन आरोपों को खारिज कर दिया कि राज्य सरकार ने कृष्णराज सागर बांध से तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़ा है।
चलुवरायस्वामी ने कहा कि जून या जुलाई में केआरएस से तमिलनाडु के लिए कोई पानी नहीं छोड़ा गया।
कुछ किसान नेताओं और भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर जल संसाधन मंत्री ने कहा, ‘‘ केआरएस बांध से तमिलनाडु के लिए कोई पानी नहीं छोड़ा गया है। हमें जून से ही तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ना था, लेकिन हमने जून या जुलाई में पानी नहीं छोड़ा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ अब कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने हमें 12,000 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया है। करीब 10,000 क्यूसेक पानी कबिनी से छोड़ा जा रहा है। रिसाव के जरिए बहने वाला पानी भी तमिलनाडु पहुंच रहा है।’’
भाजपा नेताओं और कुछ कन्नड़ संगठनों ने शनिवार को आरोप लगाया कि आधी रात के आसपास केआरएस जलाशय से तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ा गया।
कन्नड़ कार्यकर्ता वाटाल नागराज ने कथित रूप से पानी छोड़े जाने की निंदा की और कहा कि उनका संगठन ‘कन्नड़ चलावली वाटाल पक्ष’ अगले दो दिनों के भीतर केआरएस का घेराव करेगा।
भाजपा की मांड्या इकाई के प्रवक्ता मंजूनाथ के अनुसार, कथित तौर पर पानी छोड़े जाने की घटना कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण के उस निर्देश के बाद हुई है, जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों तक प्रतिदिन 12,000 क्यूसेक पानी तमिलनाडु के लिए छोड़ने का आदेश दिया गया है। केआरएस बांध कर्नाटक के मांड्या जिले में स्थित है।
मंजूनाथ ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘आधी रात के आसपास केआरएस से पानी छोड़ा गया। पानी छोड़े जाने के बाद कावेरी नदी में जलप्रवाह बढ़ गया है।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की पहले की उस स्थिति के बावजूद पानी छोड़ा जा रहा है, जिसमें उसने किसानों के लिए पानी की उपलब्धता और पेयजल की जरूरतों का हवाला देते हुए तमिलनाडु को पानी छोड़ने से इनकार किया था।
उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें कथित तौर पर बांध से पानी छोड़े जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है।
भाषा शोभना माधव
माधव