वाशिंगटन/बीजिंग, 15 अगस्त (भाषा) प्रशांत द्वीपों, पूर्वी एशिया से लेकर यूरोप, खाड़ी देशों और अमेरिका तक, भारतीयों ने शनिवार को अपने दोस्तों और परिवारों के साथ देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस मौके पर फ्रांस, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे अहम साझेदारों ने बधाई दी और नयी दिल्ली के साथ संबंध मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया।
दुनिया भर में भारतीय मिशनों और प्रवासी समुदायों के बीच जश्न मनाया गया, जिसमें झंडा फहराने के कार्यक्रम, राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम्’ का गायन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामुदायिक सभाएं और कई तरह की गतिविधियां शामिल थीं।
दुनिया भर में हो रहे इन समारोहों के केंद्र में “सूर्यपथ तिरंगा” पहल थी। इस पहल के तहत, जैसे-जैसे सूर्य अलग-अलग टाइम जोन से गुजरा, भारतीय मिशनों पर लगातार भारतीय तिरंगा फहराया गया। इसकी शुरुआत फिजी से हुई और इसका समापन सैन फ्रांसिस्को में होना है। व्यापक ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का हिस्सा रही इस पहल का मकसद एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलने वाला एक साझा और निरंतर उत्सव मनाना था।
इस वैश्विक आयोजन में स्थानीय सरकारों और समुदायों ने भी जश्न में हिस्सा लिया; अमेरिका के कुछ हिस्सों में भारत के स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में घोषणाएं की गईं और वेलिंगटन से लेकर मॉस्को, बर्लिन, तोक्यो, अबू धाबी, रियाद और जिनेवा में आयोजित कार्यक्रमों में भारतीय मूल के लोगों के समूहों ने भाग लिया।
वेलिंगटन में, भारतीय समुदाय के 500 से ज्यादा लोगों और स्थानीय दोस्तों ने स्वतंत्रता दिवस के जश्न में हिस्सा लिया। वहां उच्चायुक्त मुआनपुई सैयावी ने तिरंगा फहराया और देश के नाम राष्ट्रपति का संदेश पढ़कर सुनाया। समुदाय के लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ‘हर घर तिरंगा’ सेल्फ़ी अभियान में भी भाग लिया।
प्रवासी समुदाय के लोगों ने भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जबकि कई देशों में पेंटिंग, फ़ोटोग्राफ़ी और अन्य प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।
तोक्यो में, स्कूली छात्रों और भारतीय समुदाय के लोगों ने देशभक्ति के गीत गाकर जश्न में और रंग भर दिया। इन गीतों के जरिए उन्होंने भारत की आजादी के लिए लड़ने वालों को याद किया और उन्हें सम्मान दिया।
तोक्यो में भारतीय मिशन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि जापानी मीडिया ने भी भारत के स्वतंत्रता दिवस को खबरों में जगह दी।
बीजिंग में, भारतीय समुदाय के सदस्यों और “भारत के मित्र” की मौजूदगी में, बारिश के बावजूद राजदूत विक्रम दुरईस्वामी ने भारतीय दूतावास में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्रपति के संबोधन के कुछ अंश पढ़कर सुनाए।
दूतावास ने भारतीय समुदाय के लोगों को भी “हर घर तिरंगा” अभियान में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था, जिसमें उन्हें राष्ट्रीय ध्वज फहराना, सेल्फी लेना और अपने जश्न को साझा करना था।
मास्को में जश्न की शुरुआत महात्मा गांधी की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर और उसके बाद सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ गाकर हुई। इस समारोह में रूस में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग, “भारत के मित्र”, दूतावास के अधिकारी और उनके परिवार शामिल हुए।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने इस आयोजन में “भारत के जीवंत रंगों” को पेश किया, जैसा कि मिशन ने बताया। रूस में भारतीय दूतावास की एक पोस्ट के अनुसार, मास्को में भारतीय समुदाय ने एक बाइक रैली आयोजित की।
बर्लिन में हुए जश्न में संगीत की प्रस्तुति भी शामिल थी, जिसमें संकलिता मंडल (गायन), कनिष्क सरकार (कीबोर्ड), डेविड बेक (गिटार) और चंद्र बहादुर सुनार (सितार) ने हिस्सा लिया।
रोम में सांस्कृतिक कार्यक्रम और ‘वंदे मातरम्’ की प्रस्तुति मुख्य आकर्षणों में शामिल थे।
खाड़ी देशों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए समुदाय के लोग एक साथ आए।
अबूधाबी में दूतावास ने “गर्व, एकता और अरबों सपनों की भावना” के जश्न को रेखांकित किया, जिसमें भारतीय समुदाय ने उत्सव में हिस्सा लिया। यूएई में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि ‘इंडियन इस्लामिक सेंटर’ ने भारत की आजादी की भावना और विकसित भारत के नजरिये का जश्न मनाने के लिए एक चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की।
रियाद में दूतावास ने एक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें ‘वंदे मातरम्’ पर अर्ध शास्त्रीय नृत्य, स्कूली छात्रों का सामूहिक गीत, देशभक्तिपूर्ण कविता और ऐतिहासिक दांडी नमक यात्रा को श्रद्धांजलि देने वाला सामूहिक नृत्य शामिल था।
जिनेवा में, संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन में हुए जश्न में भारतीय मूल के 500 से ज्यादा लोगों और “भारत के मित्र” ने हिस्सा लिया।
अमेरिका में भारतीय मिशनों ने भी स्थानीय अधिकारियों और भारतीय-अमेरिकी समुदायों के साथ मिलकर जश्न मनाया।
अमेरिका के पूर्वोत्तर और मध्य-पश्चिमी राज्यों में घोषणाओं के माध्यम से भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस को चिह्नित किया गया और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के योगदान को सराहा गया।
मैक्रों ने ‘एक्स’ पर बधाई दी।
उन्होंने कहा, “भारत के लोगों को उनके 80वें स्वतंत्रता दिवस पर बधाई!”
पुतिन ने अपनी भारतीय समकक्ष द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अभिवादन किया और भरोसा जताया कि रचनात्मक द्विपक्षीय साझेदारी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ाने में मदद करेगी।
पुतिन ने कहा कि रूस-भारत संबंध “खास तौर पर विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी” की भावना के साथ सफलतापूर्वक विकसित हो रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मास्को और नयी दिल्ली कई क्षेत्रों में “फायदेमंद सहयोग” कर रहे हैं और संयुक्त राष्ट्र, शंघाई सहयोग संगठन, ब्रिक्स और अन्य बहुपक्षीय संस्थाओं के दायरे में मिलकर काम कर रहे हैं।
शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी तथा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्यक्तिगत संबंधों के कारण भारत-अमेरिका के द्विपक्षीय संबंध पहले से कहीं अधिक मजबूत हुए हैं।
रूबियो ने एक बयान में कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच मित्रता और पारिवारिक संबंधों की गहरी जड़ें ऐसी साझेदारी की नींव हैं, जो नवोन्मेषी, लचीली और दूरदर्शी है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री अल्बनीज ने भी इस मौके पर बधाई दी और कहा कि आजादी के बाद के आठ दशकों में भारत लगातार मजबूत होता गया है।
एक बयान में उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र और सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के तौर पर भारत, “अपनी उपलब्धियों के पैमाने और अपनी अपार संभावनाओं से हमें चकित कर देता है”।
अपने बधाई संदेश में, मालदीव के नेता मुइज्जू ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने के लिए अपने देश की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आजादी के आठ दशक भारत सरकार और वहां के लोगों की आकांक्षाओं, मजबूती और अटूट जज्बे को दर्शाते हैं।”
इजराइल के राष्ट्रपति आइजक हर्जोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “इजराइल की ओर से, मैं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भारत की ‘अद्भुत जनता’ को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर हार्दिक बधाई देता हूं।”
सिंगापुर के राष्ट्रपति थरमन षणमुगरत्नम ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखे पत्र में उन्हें और भारत की जनता को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि भारत और सिंगापुर दोनों की ‘‘एक शांतिपूर्ण, खुले और परस्पर जुड़े क्षेत्र में स्थायी रुचि है।’’
इस अवसर पर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने प्रधानमंत्री मोदी और भारत की ‘‘मित्रवत जनता’’ को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘‘नेपाल और भारत के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध, लोगों के बीच निकटता और सहयोग आने वाले वर्षों में और मजबूत होते रहे।’’
भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने भी भारत सरकार और भारत की जनता को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
दुनियाभर में भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोहों में तिरंगा, देशभक्ति गीतों और सामुदायिक आयोजनों जैसे परिचित प्रतीकों के साथ स्थानीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भारतीय प्रवासी समुदाय तथा उनके मित्रों की भागीदारी देखने को मिली।
भाषा
प्रशांत दिलीप
दिलीप