रांची, 15 अगस्त (भाषा) कांग्रेस की झारखंड इकाई ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “दिमागी नक्सल” वाली टिप्पणी की आलोचना करते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि यह शब्द युवाओं से जुड़े मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए गढ़ा गया है। पार्टी ने कहा कि युवा अपने अधिकारों के लिए कई राज्यों में आंदोलन कर रहे हैं।
पार्टी ने कहा कि देश के युवाओं को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री स्वतंत्रता दिवस के अपने संबोधन में उनके मुद्दों को उठाएंगे।
झारखंड कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा, “छात्र और युवा उम्मीद लगाए बैठे थे कि प्रधानमंत्री उनके भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और रोजगार के अवसरों के बारे में बात करेंगे। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नए-नए शब्द गढ़कर मुद्दों को भटकाने में माहिर हैं।”
उनका इशारा परोक्ष तौर पर दिल्ली में नीट प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ हाल में हुए कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन की ओर था। गौरतलब है कि झारखंड में छात्र राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ तीन सप्ताह से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लगातार 13वीं बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए राजनीतिक दलों से मतभेदों से ऊपर उठकर विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने में मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से विकसित भारत के निर्माण में नेतृत्व करने को कहा और “दिमागी नक्सलियों” से गुमराह नहीं होने की बात कही।
शाहदेव ने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का समर्थन किया है, लेकिन अब इसे “राजनीतिक लाभ हासिल करने का हथियार” बना दिया गया है।
भाषा
अमित पवनेश
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