तिरुवनंतपुरम, 15 अगस्त (भाषा) केरल के देवस्वओम मंत्री के. मुरलीधरन ने शबरिमला में भक्तों द्वारा अप्पम और अरवणा तैयार करने के लिए लाए जाने वाले घी की गुणवत्ता जांच कराने को लेकर टीडीबी अध्यक्ष को पत्र लिखा है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
मंत्री ने अपने पत्र में कहा कि हजारों श्रद्धालु घी लेकर आते हैं और उसे मंदिर में रखे संग्रह पात्रों में जमा करते हैं। उन्होंने कहा कि यह घी छह टंकियों में संग्रहित किया जाता है और जब भी टंकियां भर जाएं, तब घी के नमूने लेकर उनकी जांच की जानी चाहिए।
मुरलीधरन ने इसके लिए सन्निधानम और पंपा स्थित अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग की संयुक्त प्रयोगशालाएं स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
बयान के अनुसार, खाद्य सुरक्षा विभाग खाद्य पदार्थों में मिलावट का पता लगाने में मदद करेगा, जबकि स्वास्थ्य विभाग मिलावट की जांच करेगा और फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग दूषित पदार्थों की जांच करेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘जांच के लिए प्रत्येक भंडारण टंकी से तीन नमूने लिए जाएंगे। एक नमूने की जांच शबरिमला में की जाएगी, दूसरा नमूना जांच करने वाले तीनों विभागों की केंद्रीय प्रयोगशालाओं में भेजा जाएगा और तीसरे नमूने को आगे की कार्रवाई के लिए फ्रीजर में सुरक्षित रखा जाएगा।’’
मुरलीधरन ने त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) से आगामी मंडलम सीजन शुरू होने से पहले प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है।
भाषा आशीष प्रशांत
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