तिरुवनंतपुरम, 15 अगस्त (भाषा) केरल में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन ने शनिवार को कहा कि ‘वंदे मातरम’ के केवल पहले दो अंतरे ही गाए जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाकी के अंतरों में सांप्रदायिक रंग शामिल है।
तिरुवनंतपुरम में आयोजित आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस समारोह में 'वंदे मातरम' नहीं गाया गया, जहां मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए गोविंदन ने कहा कि माकपा का स्पष्ट रुख है कि वंदे मातरम के केवल पहले दो अंतरों को ही गाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, 'इससे इतर कुछ भी गाना एक सांप्रदायिक रंग ले लेता है, यही वजह है कि हम कहते हैं कि इसे नहीं गाया जाना चाहिए। यह धर्मनिरपेक्षता की खातिर है। हमारी यह मांग अडिग है; और यही वह बात है जिसके लिए हमने इस पल तक पुरजोर आग्रह किया है।'
गोविंदन ने कहा कि अनगिनत संघर्षों, बलिदानों और वर्षों के सहनशीलता के बाद हासिल की गई आजादी की रक्षा की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में भारत के लोगों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी देश की स्वतंत्रता और धर्मनिरपेक्षता को बचाना है।
माकपा नेता ने निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि जिन लोगों ने आजादी की लड़ाई में कभी हिस्सा नहीं लिया, बल्कि जेल जाने से बचने के लिए अंग्रेजों से माफी तक मांग ली थी; उन्होंने देश की आजादी के आंदोलन को धोखा दिया था।
भाषा सुमित संतोष
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